कबरई/श्रीनगर (महोबा)। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से 24 गांव के किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। 15 मिनट तक हुई ओलावृष्टि से खड़ी फसलें गिर गईं।
जिले के दैवीय आपदा प्रभावित किसानों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही है। बारिश न होने से वैसे ही दस फीसदी खेतों में फसलें बोई गई थीं। सूखे से जूझ रहे किसानों की बची उम्मीद पर रविवार की रात हुई ओलावृष्टि ने पानी फेर दिया।
कबरई ब्लॉक के श्रीनगर, इमिलिया, अतरारमाफ, डिगरिया, ढिकवाहा, सिलारपुरा, सिजहरी, भंडरा, कैमाहा और कबरई के आसपास जुड़े अलीपुरा, सिचौरा, रिवई, मकरबई सहित कई गांव में भीषण ओलावृष्टि हुई। अचानक ओलावृष्टि से खेतों में लहलहाती खड़ी फसलें टूटकर मिट्टी में मिल गईं।
15 मिनट की ओलावृष्टि से फसलों पर सफेदी छा गई। बारिश थमने पर खेतों पर पहुंचे किसान तबाह हुई फसलों को देखकर अवाक रह गए।
ओलावृष्टि की मार से श्रीनगर, सलारपुरा, सिजहरी, ढिकवाहा, भड़रा, कैमाहा, रतौली सहित एक दर्जन गांव में लगभग पचास मवेशियों की मौत हो गई। फसल के बाद पशुधन की क्षति से पशु पालक कराहने लगे हैं। पशु पालक सुशील बाजपेई, कंधी कोरी, रामरतन अहिरवार, कृपाल, परमलाल, किशोरी कोरी आदि ने बताया कि ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि गाय, भैंस, बकरी आदि पशु भी सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंच पाए।
आंधी के कारण श्रीनगर का विद्युत प्लांट ठप हो गया। जिससे बरा, भंडरा, कैमाहा, सिजहरी, सिजरिया, डिगरिया, छोटी टपरियन, अतरारमाफ, इमिलिया, ज्योरइया, सिजवाहा, मवई सहित आधा सैकड़ा से ज्यादा गांव की बिजली आपूर्ति 24 घंटे बाद भी बहान हनीं हुई।
तमाम लोगों की गुमटियां गिर गई और टीन-टप्पर उड़ गए। महोबा के राकेश चौरसिया, पप्पू चौरसिया, नवल चौरसिया, रूपेंद्र चौरसिया, लालता चौरसिया, रमेश सहित एक दर्जन से ज्यादा किसानों के पान बरेजे गिरने से भारी नुकसान हुआ है।
कुलपहाड़ की तरफ से बाइक से लौट रहे महोबा के मुन्ना चौरसिया के ऊपर पेड़ की डाल गिर गई। जिससे वह घायल हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकाला। सिर पर हेलमेट लगा होने के कारण मामूली चोटें आईं।
श्रीनगर प्रतिनिधि के अनुसार तेज आंधी के चलते इमिलिया प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री, श्रीनगर कन्या प्राथमिक विद्यालय का बरामदा और फिल्टर प्लांट की बाउंड्री गिर गई। इसी तरह बेलाताल रोड पर स्थित नीलेस के मकान में हाईटेंशन लाइन गिरने से करंट दौड़ गया। घर के लोगों ने बाहर निकलकर जान बचाई और बिजली विभाग को फोन कर लाइन बंद कराई।