कुलपहाड़ (महोबा)। चंदेलकालीन इतिहास से जुड़े सालट गांव की सड़क वर्षों से खराब है। तीन किलोमीटर कच्ची सड़क अब तक नहीं बन सकी है। इससे लोगों को 12 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। जिम्मेदारों के ध्यान न देने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
तहसील चरखारी क्षेत्र का सालट गांव पुरातत्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां प्रसिद्ध खकरामठ और चंदेलकालीन किला स्थित है। सड़क मार्ग की लंबी दूरी के कारण पर्यटक यहां नहीं पहुंच पाते हैं। लारपुर से सालट के बीच तीन किलोमीटर की कच्ची सड़क को पक्का बनाने से पर्यटक आसानी से गांव पहुंच सकेंगे ।
अभी सालट गांव जाने के लिए लारपुर से कमालपुरा और टपरिया होते हुए 12 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। यदि लारपुर से सालट के बीच तीन किलोमीटर की कच्ची सड़क पक्की हो जाए तो पर्यटक सिर्फ तीन किलोमीटर चलकर खकरामठ व प्राचीन किला देख सकेंगे। तीन किलोमीटर सड़क में 160 मीटर सीसी सड़क पहले से बनी है जबकि शेष मार्ग कच्चा है। जिला पंचायत प्रशासक जेपी अनुरागी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो इसे प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताई परेशानी
फोटो 11 एमएएचपी 03 परिचय-नंदराम। संवाद
लारपुर निवासी नंदराम का कहना है कि यदि यह सड़क बनती है तो बारिश में भी आवागमन सुलभ हो जाएगा। ग्रामीणों को बीमारी पड़ने पर आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। इससे न सिर्फ रुपया बचेगा बल्कि समय की भी बचत होगी।
फोटो 11 एमएएचपी 04 परिचय-शंभू। संवाद
सालट निवासी शंभू कहते हैं कि दूर-दूर से लोग खकरामठ और चंदेलकालीन किला देखने आते हैं। सड़क खराब होने से उन्हें परेशानी होती है। पुरातत्व महत्व की इन संरक्षित इमारतों को दुनिया के सामने लाने के लिए तीन किमी सड़क सरकार को बनवाना चाहिए।