फोटो 21 एमएएचपी 18 परिचय-इस विजय सागर पक्षी विहार में शुरू हुई परदेशी परिंदों की आमद। संवाद
महोबा। शहर के विजय सागर पक्षी विहार में ठंड के सीजन में आने वाले परदेशी परिंदों की निगरानी को लेकर वन्य जीव संरक्षण विभाग संजीदा हो गया है। तीन नाव व चार दूरबीनों की मदद से विदेशी पंक्षियों की निगहबानी की जाएगी। इसको लेकर विभाग के जवान पक्षी विहार में मुस्तैद हो गए हैं।
ठंडे देशों में बर्फ जमा होने से बुंदेलखंड में हर साल सैकड़ों विदेशी पक्षी विजय सागर झील में डेरा जमा लेते हैं। रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान, चेकोस्लाविया से माह नवंबर में परदेसी परिंदे आते हैं और फरवरी के अंत तक वापस लौट जाते है। शहर के विजय सागर पक्षी विहार में लालसर, मटामर, करूल, पनकौआ, पनडुब्बी, जलमुर्गी, घोंघिला, अंधा बगला, सारस, नकटा, सींखपर, दोंख, बगला, चमचा पक्षियों को सर्दी के सीजन में आसानी से देखा जा सकता है। इन पक्षियों की विजय सागर पक्षी विहार में आमद शुरू हो गई है। वन्य जीव संरक्षण विभाग के रेंजर रवि कुमार ने बताया कि तीन वन रक्षकों को पक्षी विहार में ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके साथ ही तीन निजी कर्मचारी भी लगाए गए हैं।
पक्षियों की निगरानी के लिए तीन नाव, चार दूरबीन, छह टार्च आदि की व्यवस्था की गई है। दूरबीन के सहारे दूर से ही पक्षियों की निगरानी हो सकेगी। पक्षियों की सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह तैयार है। ठंड के चलते विदेशी पक्षियों के आगमन का सिलसिला शुरू हो गया है।