कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बैंकों से पैसा निकालने के लिए लोगों को दिन भर लाइन में लगना पड़ रहा है। नोटबंदी के 54 दिन बाद भी हालात सुधर नहीं रहे हैं।
जिला मुख्यालय के बैंकों में भले ही लोगों को पैसा निकालने में अब पहले जैसी दिक्कतों से निजात मिल गई हो लेकिन कस्बों में अभी भी हालात नहीं सुधरे है। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक और इलाहबाद बैंक कबरई, इलाहाबाद श्रीनगर, यूपी इलाहाबाद बैंक कुलपहाड़, कोआपरेटिव बैंक में कस्बेवासी लाइनों में लगने को मजबूर है। इससे ग्रामीणों में खासा आक्रोश है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि कस्बों के अलावा ग्रामीण अंचलों में अभी भी लोगों को दो हजार से चार हजार रुपये ही लोगों को दिए जा रहे है। इससे बैंकों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। शादी विवाह के लिए अभी भी लोगों को ढाई लाख रुपये नहीं मिल रहे है।
बैंकों के अलावा एटीएम सेंटरों में भी लोगों को पैसा निकालने के लिए लाइनों पर लगना पड़ रहा है। हालांकि ढाई हजार के स्थान पर अब 4500 रुपये एटीएम से निकलने से एटीएम कार्ड धारकों ने थोड़ी राहत मिली है।