पनवाड़ी एसबीआई के बाहर हंगामा करते ग्राहक
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नोटबंदी के चलते जिले के हालात खराब होते जा रहे हैं। बैंकों से पैसा न निकलने के कारण कहीं लोग जाम लगा रहे हैं तो कहीं हंगामा कर रहे हैं। बुधवार को अस्पताल में भर्ती पत्नी के इलाज के लिए एसबीआई कबरई से पैसा न निकलने पर पति बैंक के बाहर रो पड़ा।
बुधवार को भारतीय स्टेट बैंक पनवाड़ी में दिन भर लोग लाइन में लगे रहे। तीन बजे के बाद नंबर आने पर ग्राहकों को बैंक के अंदर नहीं घुसने दिया। जिससे नाराज ग्रामीणों ने बैंक के बाहर जमकर हंगामा काटा साथ ही एक दिसंबर को चक्का जाम किए जाने की चेतावनी दी। इसी तरह कबरई कस्बे में मंगलवार
को इलाहाबाद बैंक से पैसा न मिलने पर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। इसी तरह बेलाताल, श्रीनगर, खरेला, खन्ना सहित तमाम कस्बों और ग्रामीण अंचलों में सुबह दो-दो हजार रुपये दिए जाते हैं और दोपहर के बाद एक-एक हजार रुपये देते है। बुधवार को ग्रामीण अंचलों के अलावा शहर के स्टेट बैंक में भी ग्रामीणों की पैसा निकालने के लिए भारी भीड़ जुटी। भीड़ को देखकर लोग पैसा निकालने में डर रहे हैं।
इलाज के लिए नहीं मिला पैसा, रो पड़ा पति..
थाना क्षेत्र के ग्राम सुकौरा निवासी राजाबाबू पुत्र नाथूराम की पत्नी पिछले कई दिनों से बीमार है। हालत बिगड़ने पर उसे मंगलवार को परमार नर्सिंग होम महोबा में भर्ती कराया गया। डाक्टर ने करीब 15 हजार रुपये से ज्यादा खर्च की बात बताई। जिस पर राजाबाबू अपने खाते से 24 हजार रुपये निकालने
गया। सारा दिन लाइन पर लगे रहने के बाद भी पैसा न मिलने पर उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े और वह गमगीन होकर बैंक के बाहर बाइक पर बैठ गया। एसबीआई के शाखा प्रबंधक अजय वर्मा का कहना है कि उसके खाते में एक लाख रुपये जमा है। लेकिन जनधन खाता होने के कारण पैसा नहीं निकल पा रहा है।