कबरई (महोबा)। ग्राम पिड़ारी निवासी बिहारीलाल (36) पुत्र दुर्जन घर में ही परचून की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। बिहारीलाल के नशे का लती होने के चलते दुकान में होने वाली बिक्री के रुपये खर्च किए जाने पर पत्नी सुनीता इसका विरोध करने लगी और स्वयं दुकान संभालने लगी। युवक बुधवार रात नशे की हालत में घर पहुंचा। रात करीब 12 बजे उसने परचून की दुकान में आग लगा दी। दुकान जलती देख बिहारीलाल ने अपने शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली।
आग की लपटें और चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। लोगों ने आसपास स्थित जलस्रोतों से पानी लाकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तक तक युवक की मौत हो गई। दुकान में रखा हजारों रुपये की कीमत का सामान जल गया। घटना से मृतक के चार बच्चों लक्ष्मी (11), वंदना (08), अभिषेक (05) व अंकुर (03) का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के भाई छुट्टन ने बताया कि उसका भाई शराब का अधिक सेवन करता था। नशे में पहले दुुकान में आग लगाई और फिर आत्महत्या कर ली। थानाध्यक्ष कबरई उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि जांच कराई जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।