महोबा। बुंदेलखंड की पठारी धरती पर गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को मौसम का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर के समय सूर्य की किरणें आग उगलती रहीं तो गर्म हवाओं ने लोगों का बदन झुलसाया। तीखी धूप के चलते दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
शुक्रवार को सुबह नौ बजे से ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। दिन चढ़ने के साथ ही सूरज की किरणें आग उगलने लगीं। गर्म हवाओं ने लोगों को झुलसाए रखा। इस दौरान मौसम का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं आर्द्रता 15 फीसदी व हवाओं की रफ्तार आठ किमी प्रतिघंटा रही। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वैज्ञानिक रजनीश मिश्रा का कहना है कि अचानक तापमान में वृद्धि हुई है। ऐसी गर्मी मई व जून माह में होती है लेकिन इस बार अप्रैल माह के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत में देखने को मिल रही है। अभी तापमान और बढ़ेगा।
दोपहर 12 से 4 बजे तक न निकले घर से बाहर
महोबा। जिला अस्पताल के डॉ. राजेश भट्ट ने गर्मी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि तापमान 40 डिग्री पार होते ही डिहाइड्रेशन व हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन जरूरी है।