फोटो 16 एमएएचपी 10 परिचय-भरवारा गांव में खेतों में फसल क्षति का आंकलन करती संयुक्त टीम। संवाद
महोबा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सर्वे के नाम पर मनमानी की शिकायतें आने के बाद डीएम ने कृषि, राजस्व और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीमें गठित की हैं। बुधवार को संयुक्त टीमों ने ब्लॉक पनवाड़ी के भरवारा गांव पहुंच अतिवृष्टि से खरीफ फसलों में हुई क्षति का आकलन किया। उड़द, मूंग व मूंगफली की फसलों में 85 से 90 फीसदी तक नुकसान मिला। किसानों को अब मुआवजा मिलने की उम्मीद है।
पिछले दिनों सर्वे के दौरान बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों ने सर्वे के दौरान कई किसानों से सुविधा शुल्क वसूला तो किसी से खाली सर्वे फार्म पर हस्ताक्षर कराए। तहसील चरखारी के नटर्रा गांव में सर्वे के नाम पर किसानों से वसूली के मामले में ग्रामीणों ने दो सर्वेयरों को पकड़ लिया था जिन्हें पेटीकोट और ब्लाउज पहनाकर जूतों की माला डालकर पूरे गांव में घुमाया गया था। दोनों सर्वेयरों पर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
इस प्रकार की शिकायतें आने पर डीएम गजल भारद्वाज ने संयुक्त टीमें गठित कीं। तहसीलदार विक्रम सिंह, नायब तहसीलदार मुकुल कुमार, लेखपाल विजय, कृषि विभाग के ऋषि द्विवेदी व फसल बीमा कंपनी के हृदेश कुमार ने भरवारा गांव पहुंच किसानों के खेतों की जांच की। सर्वे में उड़द-मूंग में 90 फीसदी और मूंगफली में 85 फीसदी तक नुकसान मिला। फॉर्म भरने के बाद किसानों के हस्ताक्षर कराए गए। रविंद्र कुमार, राजू राजपूत, कमलेश, मान सिंह, अंबरीश आदि किसानों ने बताया कि सर्वे का आकलन कर नुकसान दर्ज किया गया है। अब उन्हें फसल बीमा व शासन से मिलने वाले मुआवजे की उम्मीद है।