महोबा। जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह ने कहा कि शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति का आंकलन करने के आदेश जल निगम और जल संस्थान के अधिशाषी अभियंताओं को दिए है। उन्होंने पेयजल व्यवस्था के लिए खराब हैंडपंपों की मरम्मत, रिबोर तथा नए हैंडपंपों की स्थापना की कार्ययोजना बनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल की व्यवस्था की जा रही है अगर जरूरत हुई तो टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जाएगी।
जिलाधिकारी शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शासन ने जनपद को सूखा ग्रस्त घोषित कर दिया है। जिससे जिले में पेयजल व पशुओं के चारे की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि सूखे से निपटने के लिए जल निगम के अधिकारियों को शीघ्र कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने तालाबों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पशु चिकित्साधिकारी को आवश्यकतानुसार पशु राहत कैंप संचालित करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने उपकृषि निदेशक को ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर वस्तु स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने लघु सिंचाई के अधिशाषी अभियंता को उथले एवं गहरे नलकूपों को लक्ष्य के अनुसार पूर्ति कर कृषकों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खराब पड़े नलकूपों की मरम्मत कराएं। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जिले में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर पेयजल शुद्धता के लिए क्लोरीन टेबलेट का वितरण और पेयजल स्रोत विसंक्रमण सतत रूप से किया जाए। उन्होंने प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र में जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के सीएमओ को निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सिंचाई और अन्य विभागों को भी मनरेगा के तहत कार्य कराने के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। बैठक में एडीएम संतोष कुमार, सीएमओ शिवनारायण, समस्त एसडीएम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।