दस सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई हड़ताल के चलते कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। दूर दराज से आए ग्रामीणों को हड़ताल के चलते बैरंग वापस लौटना पड़ा।
मंगलवार को बेसिक शिक्षा कार्यालय, समाज कल्याण, विकास भवन, कलेक्ट्रेट, जिला उद्यान कार्यालय, आरईएस, सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय, भूमि संरक्षण कार्यालय सहित तमाम कार्यालयों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
दोपहर करीब दो बजे बेलाताल निवासी वकील अहमद व रामप्रसाद राठौर समाज कल्याण कार्यालय में समाजवादी पेंशन की जानकारी करने पहुंचे, लेकिन कार्यालय में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते वह वापस लौट आए। उनका कहना था कि कार्यालय आने जाने में उनका समय और पैसा बर्बाद हुआ।
दिन में करीब साढ़े तीन बजे बीएसए कार्यालय में सेवा पुस्तिका बनवाने के लिए आने जाने वाले शिक्षिकों को भी वापस लौटना पड़ा। कार्यालयों में हड़ताल के चलते कर्मचारी नदारद रहे। इसी तरह विकास भवन में तमाम योजनाओं की जानकारी लेने के लिए आए ग्रामीण कार्यालयों मेें सन्नाटा देखकर लौट गए, जिससे उनका कोई कामकाज नहीं हो सका। इसी तरह कलेक्ट्रेट कार्यालय में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सन्नाटा पसरा रहा।
उधर, राज्य कर्मचारियों ने तहसील मेें धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री सुलेमान ने कहा कि केंद्र के समान समस्त भत्ते दिए जाएं, फील्ड कर्मचारियों को मोटरसाइकिल भत्ता दिया जाए, पीजीआई में कर्मचारियों के निशुल्क इलाज सुविधाएं दी जाएं।
इस मौके पर दिनेश निगम, शशिभूषण, राजेश निगम सहित तमाम वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। उधर, कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर विरोध जताया। इस मौके पर संघ के महामंत्री किशोरीलाल, शफीक मोहम्मद, ओमप्रकाश सिंह, रामरतन वर्मा, राजेंद्र प्रसाद सहित तमाम कर्मचारियों ने विचार व्यक्त किए।