महोबा। ऐतिहासिक कजली मेले को लेकर गुरुवार को जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों और समाजसेवियों ने कजली महोत्सव को भव्य रुप देने के लिए अपने सुझाव दिए। बैठक में मेले के पहले दिन निकलने वाली भव्य शोभा यात्रा में बुंदेली संस्कृति की झलक दिखेगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में नगर के समाजसेवियों ने कजली मेले को लेकर अपने-अपने सुझाव रखे। आल्हा सम्राट वंशगोपाल यादव ने कहा कि मेले के दौरान रानी मल्हना के साथ एक दर्जन डोले शामिल किए जाएंगे , जो सावन गीत गाते हुए शोभायात्रा में चलेंगी। इसके अलावा कीरत सागर में कजली विसर्जन के दौरान दिल्ली नरेश पृथ्वीराज चौहान व चंदेल राजाओं के बीच हुए युद्ध को लड़ाई के रूप में दिखाया जाएगा। कजली मेले को अभी भले ही एक माह का समय शेष हो, लेकिन जिला प्रशासन व पालिका प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। बैठक में तय किया गया कि शोभायात्रा में शामिल होने वाली झांकियां अलग-अलग प्रकार की हो और उनमें यहां के गौरव को दर्शाया जाए। जिससे कि शोभा यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन सके। मेला स्थल एतिहासिक कीरत सागर में बिजली व्यवस्था पहले से और बेहतर बनाए जाने की रणनीति तैयार की गई। इस मौके पर एडीएम संतोष कुमार राय, एसडीएम प्रबुद्ध सिंह, पालिका चेयरमैन पुष्पा अनुरागी, आल्हा परिषद के अध्यक्ष शरद तिवारी दाऊ, शिवकुमार गोस्वामी, रामजी गुप्ता आदि उपस्थित रहे।