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Mahoba News: अनियमितता पर ग्राम प्रधान इंद्रहटा के अधिकार सीज

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महोबा। ब्लॉक जैतपुर की ग्राम पंचायत इंद्रहटा में गोवंशों की मौत की शिकायत, विकास कार्यों में अनियमितता की पुष्टि होने डीएम ने ग्राम प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। मामले में उन्होंने जांच अधिकारी नामित कर दिए हैं। जांच जारी रहने तक ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय टीम नामित की गई है।
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आठ जनवरी को गांव के कुछ लोगों ने गोशाला में गोवंशों के शवों को फेंके जाने व नियमानुसार निस्तारण न कराने की शिकायत की थी। मामले की जांच एसडीएम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और नायब तहसीलदार ने की थी। अधिकारियों ने आठ जनवरी 2026 को गोशाला में प्रकरण की जांच की।
इस दौरान पाया गया था कि अभिलेख के अनुसार 115 गोवंश मौजूद हैं जबकि हकीकत में वहां 113 गोवंश मिले। जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि शव छह से सात दिन पुराने थे और गोशाला में ठंड से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। इसके साथ ही सड़क किनारे 13 मवेशियों के कंकाल व आठ सड़े हुए शव मिले थे।
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ग्राम प्रधान कुसुम और सचिव से स्पष्टीकरण मांगते हुए ग्राम पंचायत में हुए कार्यों में वित्तीय अनियमितता की जांच की आशंका पर डीपीआरओ को पत्र भेजा गया था। डीपीआरओ ने प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा। ग्राम प्रधान की ओर से दिए गए जवाब व डीपीआरओ की जांच के बाद विकास कार्यों के नाम पर वित्तीय अनियमितता बात सामने आई।
डीपीआरओ ने जांच आख्या डीएम को भेजी। डीएम गजल भारद्वाज ने जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान इंद्रहटा कुसुम के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी है। अंतिम जांच के लिए एडीएम न्यायिक व एक्सईएन लोक निर्माण विभाग को नामित किया गया है। प्रधान पद के कार्यों के संचालन के लिए गठित टीम में बसंती, मनीष व देवकुमारी हैं।
डीपीआरओ ने इन बिंदुओं पर की जांच और मांगा जवाब
जांच के दौरान पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में हैंडपंप मरम्मत पर पंचम राज्य वित्त आयोग में छह बाउचर से कुल 1,14,818 रुपये और वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15 बाउचर से कुल 3,24,561 रुपये का भुगतान हुआ है लेकिन जांच के दौरान मौके पर कोई भी पुरानी सामग्री व उपकरण नहीं पाए गए। मरम्मत के संबंध में उपभोक्ता हस्ताक्षर का कोई अभिलेख नहीं दिया गया। ऐसे में यहां पर वित्तीय अनियमितता की संभावना पाई गई थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में टैंकर संचालन पर पंचम राज्य वित्त आयोग से एक वाउचर से 21 जुलाई 2025 को 92,628 रुपये का व्यय किया गया है। इसमें भी धनराशि का दुरुपयोग किया गया। वर्ष 2024 में मिट्टी फिलिंग कार्य में 1,92,279 रुपये का व्यय हुआ। जिसमें गड़बड़ी मिली। वर्ष 2024 में कचरा सफाई के नाम पर 85,146 रुपये, 2025 में 92,667 रुपये का भुगतान हुआ। जिसमें अनियमितता पाई गई। इसी क्रम में ई-रिक्शा खरीद के नाम पर 1,55,000 रुपये, आरआरसी सेंटर में भूसा भरे होने, गोशाला में मवेशियों के लिए शीतलहर से बचने के लिए कोई प्रबंध न करने, वर्ष 2021-22 में जनसुविधा केंद्र के नाम पर चार लाख रुपये निकालने और चार साल बीतने के बाद भी केंद्र अधूरा होने को लेकर धन दुरुपयोग की संभावना जताई गई।
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