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संतों के सानिध्य से होता है सद्गुरु का दर्शन

Tue, 09 Feb 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, महोबा
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दिल्ली से आए संत डा. जगन्नाथ शर्मा (हंस) ने कहा कि जब संतों का सानिध्य मिलेता है, तब सद्गुरु का दर्शन होता है। कहा कि जब सद्गुरु की कृपा दृष्टि पड़ती है तो निर्बल भी बलवान हो जाता है।
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संत डा. शर्मा सोमवार को निरंकारी सत्संग भवन राठ रोड महोबा में आयोजित सत्संग में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अर्जुन जब युद्ध से पीछे हटने लगे, तब भगवान कृष्ण द्वारा विराट स्वरूप का ज्ञान कराकर बल प्रदान किया।


कहा कि ज्ञान का रंग, जब भक्त पर चढ़ता है तो वह स्वयं आनंद स्वरूप में हो जाता है। ज्ञान के बाद समस्त संसार परमात्मा का स्वरूप नजर आता है और एकत्व की स्थापना होती है।
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कहा कि संत मानव शरीर के रंग, सजावट पर ध्यान नही देता बल्कि वह आत्मिक स्वरूप को देखता है। उन्होंने कहा कि जब गुरू प्रसन्न होता है तो प्रेम भक्ति देता है और ज्ञान के द्वारा मानव कल्याण में अपने भक्तों को प्रेरित करता है।


बताया कि संत निरंकारी मिशन द्वारा सामाजिक योगदान के रूप में नशाबंदी, सादगी भरी शादी, आडंबर रहित जीवन द्वारा युवा पीढ़ी को सद्मार्ग पर चलने को प्रेरित करता है। सत्संग में संत वेद प्रकाश ने अपनी रचना से सभी भक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में तमाम महिलाएं पुरुष मौजूद रहे। संचालन विनोद कुशवाहा ने किया।


इंभंडारे में छका सैकड़ों कन्याओं ने प्रसाद- मोहल्ला इमलीबरा स्थित खड़यारा वाली मां काली मंदिर में सोमवार को कन्या भोज का आयोजन किया गया। भंडारे में सैकड़ों कन्याओं ने प्रसाद छका। आसपास के मोहल्लों की कन्याएं मंदिर पहुंच गईं और प्रसाद ग्रहण किया।


सुरेश दाऊ, राजा चौरसिया ने बताया कि मां के मंदिर में हर अमावस्या को भंडारे का आयोजन किया जाता है। भंडारे की व्यवस्था में रमाकांत चौरसिया, कंचन, कौशल्या, शकुंतला आदि महिलाएं, पुरुष लगे रहे। संचालन शंकरलाल श्रीवास ने किया।
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