शादी की राह में परिजनों ने जाति की दीवार खड़ी कर दी। इससे क्षुब्ध प्रेमी युगल ने जान दे दी। घटना खरेला थाने के पुन्निया गांव की है। यहां प्रेमी ने फांसी लगाई। उसकी मौत की खबर मिलते ही प्रेमिका ने खुद को आग लगाकर जान दे दी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी गुरुदयाल कटियार ने थानाध्यक्ष राजीव यादव के साथ मौका मुआयना किया। घटना के संबंध में परिजनों और गांववालों से छानबीन के बाद उन्होंने बताया कि मामला प्रेम प्रसंग का ही है। यह बात अलग है कि परिजन इससे इंकार कर रहे हैं।
सीओ के मुताबिक गांव के मुकेश तिवारी (24) पुत्र देवकरन तिवारी और गांव की ही सीमा अहिरवार (17) पुत्री मदनपाल के बीच एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के परिवारों अलग-अलग जाति के होने से इनकी शादी के लिए राजी नहीं थे। इससे दो दिन पहले प्रेमी युगल घर से भाग निकले।
इन्होंने परिजनों के फोन भी रिसीव नहीं किए। बुधवार शाम सीमा तो घर लौट आई लेकिन मुकेश तिवारी घर नहीं लौटा। उसने गांव के बाहर सुख देवानंद आश्रम परिसर में बने मंदिर के पुजारी के कमरे का ताला तोड़ा और वहीं फांसी लगा ली। गुरुवार सुबह पुजारी आश्रम पहुंचा तो युवक का शव लटका देख सन्न रह गया।
सीओ ने बताया कि प्रेमी की मौत की खबर लगते ही सीमा ने भी खुद घर के एक कमरे में बंद किया और खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। कमरे से धुआं निकलने पर परिजन और ग्रामीणों ने दरवाजे तोड़कर उसे बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और आवश्यक कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सीओ के मुताबिक लड़की के पिता मदनपाल ने थाने में तहरीर दी है कि परिवार के लोग खेत पर थे, तभी सीमा ने आग लगा ली। आग क्यों लगाई, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। मुकेश के पिता देवकरन तिवारी का कहना है कि उनका बेटा घर से गायब हो गया था। बुधवार को सारा दिन फोन लगाया लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। गुरुवार सुबह पुजारी ने मुकेश तिवारी के फांसी लगाने की जानकारी दी। उसने फांसी क्यों लगाई, इसकी जानकारी नहीं है। सीओ ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है।