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Mahoba News: नगाराडांग पहुंची जांच टीम, ग्रामीणों से बनाए रखी दूरी

Sat, 21 Feb 2026 12:58 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
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अजनर (महोबा)। ब्लॉक जैतपुर के नगाराडांग में टंकी लीकेज होने के मामले की जांच करने पांच दिन बाद शुक्रवार को आखिरकार टीम गांव पहुंची। टीम ने टंकी के पास खड़े होकर जांच की। इस दौरान ग्रामीणों से दूरी बनाए रखी। जांच के बाद अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया टंकी में कोई लीकेज और रिसाव न मिलने की बात कही जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि जब टंकी में लीकेज नहीं था तो मरम्मत का काम क्यों कराया गया और पांच दिन आपूर्ति क्यों बंद रखी गई। इन सवालों का जवाब न मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
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जल जीवन मिशन के तहत जिले में 1,100 करोड़ की पेयजल परियोजनाएं संचालित हैं। परियोजना के तहत पाइपलाइन डालने के लिए खाेदी गई सड़कों को दुरुस्त न किए जाने और कई गांवों में पेयजल आपूर्ति न होने पर 30 जनवरी को महोबा दौरे पर आए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने प्रधानों के साथ रोक लिया था। इस दौरान मंत्री को जल जीवन मिशन की हकीकत बताई थी। यह मामला शासन स्तर पर पहुंचा और जल शक्ति मंत्री ने एक माह के अंदर काम पूरा कराते हुए हर घर जल पहुंचाने के निर्देश दिए थे। योजना के तहत नगाराडांग गांव में 65 लाख की लागत से टंकी का निर्माण कराया गया था। 15 फरवरी को टंकी के लीकेज होने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। ग्राम प्रधान गायत्री ने इसकी शिकायत डीएम से की थी। टंकी लीकेज होने का मामला सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने इसे ओवरफ्लो बताया था। बाद में राजमिस्त्री और श्रमिकों को लगाकर टंकी को दुरुस्त कराए जाने का काम शुरू कराया गया। दो दिन तक राजमिस्त्री और श्रमिक काम करते नजर आए जबकि सीमेंट बालू का मसाला भी बनता रहा। हालांकि, डीएम ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।
डीएम के निर्देश पर गठित टीम में शामिल एडीएम नमामि गंगे मोईनुल इस्लाम के साथ लोक निर्माण विभाग व मौदहा बांध निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता शुक्रवार को नगाराडांग गांव पहुंचे। टीम के साथ जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता संदेश सिंह तोमर, सहायक अभियंता मनोज राजपूत और कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर भी शामिल हुए। इस दौरान जांच प्रक्रिया की ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई गई। हालांकि, टीम ने ग्रामीणों से दूरी बनाए रखी। ग्रामीणोंं का आरोप है कि टीम केवल टंकी स्थल तक ही सीमित रही और गांव के अंदर आकर स्थिति का जायजा नहीं लिया। जांच के दौरान लोगों को टंकी के पास जाने से रोका गया। शुक्रवार को आधी टंकी ही भरी गई और आधे गांव में ही पानी पहुंच सका। बताया कि गांव की सड़कें अभी भी क्षतिग्रस्त हैं और कई घरों में टोटियां नहीं लगी हैं। यदि टीम गांव आकर लोगों से बातचीत करती और जायजा लेती तो हकीकत सामने आती लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
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ग्रामीणों ने बताई हकीकत

पूर्व प्रधान विनोद खरे का कहना है कि जांच टीम टंकी तक आई लेकिन गांव में नहीं गई। साथ ही टीम आने की पूर्व सूचना भी नहीं दी गई। किसी से कोई जानकारी किए बिना ही टीम जांच कर लौट गई। आधे गांव में ही पांच दिन बाद पानी आया। टंकी से जुड़े नगाराडांग समेत सभी गांवों को नियमित पानी कब से मिलेगा, यह कोई नहीं बता रहा है।
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नगाराडांग के ग्रामीण हकीम कहते हैं कि जब वह टंकी के पास पहुंचे तो उन्हें यह कहकर हटा दिया गया कि यहां से जाओ, आपका कोई काम नहीं है। पांच दिन से गांव की आपूर्ति ठप है। नलों में टोटियां भी नहीं लगी हैं। यदि टीम ग्रामीणों से जानकारी लेती तो सच्चाई सामने आती लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।


समाजसेवी जीतू राजपूत ने बताया कि ग्रामीण पिछले पांच दिन से पानी के लिए परेशान हैं। अभी तक समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। टंकी लीकेज होने के बाद जांच नहीं कराई गई। पहले टंकी को दुरुस्त कराने का काम हुआ ताकि, जांच में कुछ न निकले और हुआ भी कुछ ऐसा ही।

डीएम के निर्देश पर गठित टीम ने नगारडांग पहुंच ग्रामीणों की उपस्थिति में जांच की। इसकी ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई गई। स्थलीय जांच के दौरान टंकी की भंडारण क्षमता 300 केएल के अनुसार जल भंडारण करने पर प्रथम दृष्टया कोई लीकेज या रिसाव नहीं पाया गया। शीघ्र ही जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। वर्तमान में नगाराडांग गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है। -मोईनुल इस्लाम, एडीएम नमामि गंगे, महोबा।
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