चरखारी (महोबा)। राशन कार्ड से खाद्यान्न नहीं मिला तो घर में भोजन नहीं बन सका। भूख से बेहाल वृद्धा अदालत में जज के पास पहुंच गई। जज को जब वृद्धा ने अपना दुखड़ा सुनाया ताे जज ने तत्काल नगर पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि, पूर्ति निरीक्षक व कोटेदार को तलब किया। इन्होंने वृद्धा की केवाईसी न होने के कारण खाद्यान्न न मिलने की बात बताई तो नाराज जज ने व्यवस्था सुधारने की नसीहत देते हुए तीनों को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि और पूर्ति निरीक्षक ने वृद्धा को खाद्यान्न उपलब्ध कराया। हालांकि, राशन कार्ड से खाद्यान्न मिलने की व्यवस्था अब तक नहीं बहाल हो सकी।
कस्बा चरखारी की कांशीराम कॉलोनी में रहने वाली 80 वर्षीय वृद्धा रानी के पति हरजू का कई वर्ष पहले निधन हो चुका है। उसकी कोई संतान सहारे के लिए नहीं है। ऐसे में वह राशन कार्ड से मिलने वाले खाद्यान्न पर ही पूरी तरह से आश्रित है। राशन वितरण प्रणाली में खाद्यान्न लेने वालों की ई-केवाईसी होना जरूरी किया गया है। रानी की उम्र अधिक हो जाने के कारण बायोमेट्रिक से ई-केवाईसी नहीं हो पा रही है। कई बार वह कोटेदार के घर गई और अंगूठा लगाकर राशन पाने का प्रयास किया लेकिन ई-केवाईसी न होने खाद्यान्न नहीं मिला। इसके बाद पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में भी गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी बीच उसके घर में भोजन बनाने के लिए रखा खाद्यान्न पूरी तरह खत्म हो गया। परेशान रानी भोजन के लिए भटकती हुई अदालत जा पहुंची।
वृद्धा ने अदालत में सिविल जज जूनियर डिवीजन विजय शंकर गौतम को दुखड़ा सुनाया। न्यायाधीश ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिम्मेदारों को तलब किया। इसके बाद नगर पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि रामपाल कुशवाहा ने वृद्धा को अपनी ओर से एक माह का खाद्यान्न दिया। उनका कहना है कि वृद्धा को दाल, चावल, आटा और तेल समेत खाद्य सामग्री उपलब्ध करा दी गई। इससे वह करीब एक माह तक भोजन आराम से बनाकर खा सकेगी तो वहीं पूर्ति निरीक्षक अनिल श्रीवास्वत का कहना है कि ई-केवाईसी न होने पर कार्ड निलंबित चल रहा है। इस प्रकार की 12 महिलाओं की सूची एनआईसी लखनऊ भेजी गई है। केवाईसी के बाद खाद्यान्न मिलने लगेगा। वृद्धा को उन्होंने 15 किग्रा खाद्यान्न उपलब्ध कराया है।