दो साल से कैंसर से लड़ रहे ग्राम प्रधान ने आखिरकार हार मान ली और परिजनों से सेवा कराने के बजाए जहर खाकर जिंदगी को अलविदा कह दिया। प्रधान की मौत के बाद गांव का माहौल गमगीन है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह घटना थाना अजनर के ग्राम टिकरिया की है। दो साल पहले ग्राम टिकरिया निवासी जगपाल राजपूत पुत्र ईश्वरदास को कैंसर की बीमारी ने घेर लिया था। लेकिन उसने कैंसर की कोई परवाह किए बिना करीब एक साल पहले ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ा और प्रधान पद पर जीत दर्ज की। प्रधान बनने के करीब एक साल तक प्रधानी करके ग्रामीणों की सेवा की और इलाज भी कराता रहा। अपने सेवाकाल के दौरान कभी बीमारी आड़े नहीं आने दी।
दो माह पहले हालत बिगड़ने पर उन्हें मुंबई के कैंसर हास्पिटल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद भी आराम न होने पर डाक्टरों ने घर ले जाकर सेवा करने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उन्हें घर ले आए। दो साल से कैंसर से जंग लड़ रहे प्रधान की हिम्मत आखिरकार जवाब दे गई और गुरुवार को उन्होंने जहर खाकर मौत को गले लगा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है।