महोबा। रोशनी का पर्व दिवाली सोमवार को श्रद्धा, भक्ति व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शुभ मुहूर्त पर लोगों ने घरों और प्रतिष्ठानों में विधि-विधान से गणेश लक्ष्मी की पूजा-आराधना कर खुशहाली की कामना की। शाम ढलते ही दीयों की रोशनी व आतिशी नजारों से धरती और आसमान जगमगा उठे। देर रात तक घरों के बाहर लोग पटाखे व फुलझड़ी जलाकर दिवाली के जश्न में डूबे रहे।
दिवाली पर सुबह से ही घरों को सजाने का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। महिलाओं और किशोरियों ने घरों के दरवाजे पर आकर्षक रंगोली सजाई। शाम ढलते ही शुभमुहूर्त पर घरों व प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी-गणेश का विधि-विधान से पूजन किया गया। शहर के शक्तिपीठ मां बड़ी चंद्रिका मंदिर, छोटी चंद्रिका मंदिर, सिंहवाहिनी समेत सभी मंदिर दीपकों और झालरों की रोशनी से जगमग रहे। शाम से शुरू हुई आतिशबाजी देर रात तक चली। बच्चों ने अनारदाना, फुलझड़ी जलाकर खुशी मनाईं।
-
दिवाली पर दो करोड़ से हुआ धूम धड़ाका
महोबा। दिवारी पर्व पर आतिशबाजी की बिक्री के लिए प्रशासन की ओर से अस्थाई लाइसेंस दिए गए। शहर के बाहर पुलिस लाइन मैदान के पास 25 से अधिक आतिशबाजी की दुकानें लगाई गईं। इसके अलावा कुलपहाड़ व चरखारी में भी पटाखों की सजी दुकानों से जमकर बिक्री हुई। युवाओं ने दिल खोलकर खरीदारी की। करीब दो करोड़ का पटाखा कारोबार हुआ। जिससे दिवाली का देर रात तक धूम-धड़ाका होता रहा। दिवाली पर पुलिसकर्मियों ने जरूरतमंदों के साथ खुशियां बांटी। यातायात प्रभारी सुनील कुमार ने अनाथालय पहुंच बच्चों को फुलझड़ी, पटाखा व मिठाई वितरित किए।
-
मौन व्रत के साथ दिवारी नृत्य आज
महोबा। दिवाली की परेवा को मौन व्रत के साथ दिवारी नृत्य के जगह-जगह आयोजन होंगे। शहर के शक्तिपीठ बड़ी चंद्रिका, सिंहवाहिनी, बड़े हनुमान मंदिर समेत सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न गांव से आने वाली दिवारी नृत्य की टीमें अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। जिसे देखने के लिए लोगों की भारी संख्या में भीड़ जुटेगी। दिवारी नृत्य के दौरान बच्चों, युवाओं व बुजुर्गों में भी जोश देखने को मिलेगा। बुंदेलखंड का दिवारी नृत्य यहां की प्रमुख लोक कला है।
फोटो 20 एमएएचपी 07 परिचय-कस्बा खरेला में दिवाली पर्व को लेकर घर के दरवाजे में रंगोली बनातीं बाल
फोटो 20 एमएएचपी 07 परिचय-कस्बा खरेला में दिवाली पर्व को लेकर घर के दरवाजे में रंगोली बनातीं बाल