कड़ाके की ठंड और शीत लहर के चलते बढ़ी ठिठुरन से लोगाें का बुरा हाल है। आसमान से बरस रही ओस और घने कोहरे ने जिंदगी की रफ्तार थाम दी है। लोग सारा दिन घराें में दुबकने को मजबूर हैं। कस्बा कबरई में खेत की रखवाली कर रहे एक किसान की ठंड की चपेट में आने से मौत हो गई।
हाड़कंपाऊ ठंड और गलन ने लोगाें की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रात से घने कोहरे की चादर में शहर ढक जाता है। कोहरे और बर्फीली हवाएं चलने से शहर में ठंड ने जोर पकड़ लिया है।
सुबह कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राएं ठंड से बचने के लिए स्वेटर, जैकेट और मफलर का सहारा ले रहे हैं। मंगलवार को शहर में घने कोहरा छा जाने से वाहनों की रफ्तार थम गई।
कोहरे के चलते वाहन चालकाें को सुबह के समय लाइटों का सहारा लेना पड़ा, जिससे वाहन रेंगते नजर आए। दोपहर 12 बजे सूर्य देव के दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
धूप निकलते ही लोग घराें की छतों पर पहुंचकर धूप का आनंद लेते नजर आए। वहीं कार्यालयाें में कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर अलाव का सहारा लिया। शीतलहर के चलते सबसे ज्यादा दिक्कत रेलवे स्टेशन में ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्रियों को हुई। वहीं रोडवेज में भी यात्री बसाें के इंतजार में सर्दी से ठिठुरते रहे।
कबरई प्रतिनिधि के मुताबिक, कस्बे के मोहल्ला राजीव नगर निवासी जमुना रैक्वार (35) पुत्र देवीदीन रैक्वार मंगलवार रात खेत पर फसल की रखवाली कर रहा था। सुबह घर आते ही उसकी हालत बिगड़ गई।
परिजनों ने उसे आग जलाकर तपाया, लेकिन कोई फायदा न होने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कबरई ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।