सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में विवेचक द्वारा अधिवक्ता से बहस करने व उसकी महिला मुवक्किल को धमकाने पर सिविल जज जूनियर डिवीजन ने विवेचक दरोगा को हिरासत में लेने का आदेश दिया। कोर्ट ने दरोगा का टोपी व बिल्ला उतरवा लिए। जिससे अदालत में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। थाना महोबकंठ के एक ग्राम निवासी युवती एक फरवरी 2015 को पनवाड़ी में अपने गांव जाने के लिए खड़ी थी। तभी गांव के दो बाइक सवार लोगाें ने गांव चलने के लिए युवती को बाइक में बिठा लिया और रास्ते में जंगल में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। अदालत के आदेश पर दो लोगाें के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली करने पर दरोगा के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसका विवेचक थानाध्यक्ष खन्ना नंदलाल भारती को बनाया गया था। नंदलाल भारती द्वारा पीड़ित युवती के घर जाकर राजीनामा के लिए कई बार दबाव बनाया गया। लेकिन युवती ने राजीनामा नहीं किया।
सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत ने बुधवार को विवेचक को अदालत में तलब किया था। जिस पर नंदलाल भारती अदालत पहुंचे। जहां पर युवती को हड़काने के साथ अधिवक्ता से भी बहस करने लगा। वकील की शिकायत पर सिविल जज जूनियर डिवीजन अंकित गोयल ने दरोगा नंदलाल भारती की बेल्ट, टोपी और बिल्ले उतरवा लिए और ढाई घंटे तक अदालत में बिठाए रखा। बाद में दरोगा के माफी मांगने के बाद बिल्ले, बेल्ट और टोपी लौटाने के साथ उसे छोड़ दिया।