महोबा। कोतवाली चरखारी के बमरारा गांव में किशोरी की मौत के बाद गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसका विरोध करने पहुंचे किशोरी के चाचा को ग्राम प्रधान ने धमकाया। मामले की शिकायत पर पुलिस ने ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना खन्ना के ग्योड़ी गांव निवासी चंद्रशेखर अहिरवार ने चरखारी पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसके छोटे भाई रामऔतार की शादी करीब 18 वर्ष पहले बमरारा निवासी रजनी अहिरवार से हुई थी। उसके दो बेटियां अभिलाषा (16), दीपिका (11) और बेटा सुमित कुमार (13) हैं। भाई रामऔतार व उसकी पत्नी रजनी की कुछ वर्ष पहले मौत हो गई थी। इसके बाद से तीनों बच्चों को रजनी के पिता ईश्वरदास अपने साथ ले आए थे। चंद्रशेखर का आरोप है कि उसकी भतीजी अभिलाषा को उसके मामा हरी और अजय प्रताड़ित करते थे। इसकी सूचना कई बार फोन पर अभिलाषा ने उन्हें दी। इस पर अभिलाषा के मामा को उन्होंने समझाया लेकिन ये लोग अभिलाषा को धमकाते रहे। इससे परेशान होकर 10 फरवरी को अभिलाषा ने जहर खा लिया।
जानकारी होने पर नाना ईश्वरदास इलाज के लिए उसे चरखारी अस्पताल ले गए। वहां से इलाज कराकर घर लेकर चले गए। एक दिन बाद फिर से उसकी तबीयत बिगड़ी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना पर जब चंद्रशेखर बमरारा पहुंचा तो पता चला कि उसके मामा ने गांव के प्रधान भगवानदास के सहयोग से अभिलाषा के शव का पुलिस को सूचना दिए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया। इसका विरोध करने पर ग्राम प्रधान भगवानदास, प्रधान के बेटे अजय व मामा हरी सिंह ने गांव से भाग जाने और जान से मार देने की धमकी दी।
कोतवाली प्रभारी चरखारी प्रवीण कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच कराई जा रही है।