कोर्ट में पेशी पर आए बंदी ने बाथरूम में धारदार
चम्मच से खुद को लहूलुहान कर लिया। इतना ही नहीं दीवार में पटक-पटक कर सिर
भी फोड़ लिया।
पुलिस कर्मियों ने जब तक उसे बाथरूम से बाहर निकाला,
तब तक वह बेहोश हो चुका था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जाता है कि हत्या और डकैती के मामले में निरुद्ध यह बंदी पैरवी न
होने से खफा होकर यह कदम उठाया।
मध्य प्रदेश के जनपद छतरपुर के
ग्राम घटरा निवासी सलमान कई साल से शहर के मोहल्ला समद नगर में किराये के
मकान में रह रहा था। 30 मार्च 2012 को बाबा ढाबा के पास एक मकान में घुसकर
हत्या और डकैती के मामले में पुलिस ने सलमान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
तीन
साल से जिला कारागार में बंद सलमान की न तो आज तक बेल हुई और न ही पैरवी
की गई। उसकी फरियाद भी किसी ने नहीं सुनी। आरोप है कि एक वकील ने जमानत के
नाम पर 15 हजार रुपये ले लिए।
सोमवार को पेशी पर आया सलमान धारदार
चम्मच भी लाया था। कोर्ट परिसर में बने बाथरूम में जाकर अपने हाथ की नसें
काट ली और पेट में प्रहार किया। सिर को दीवार में पटकर खुद को लहूलुहान कर
लिया। पेशी पर लाए पुलिसकर्मियों को यह जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए।
बेहोश
सलमान को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी जेब एक सुसाइड नोट
भी मिला है। इसमें वकील द्वारा 15 हजार रुपये लेने के बाद भी जमानत न
कराने और उसकी फरियाद न सुनने की बात लिखी है।
जेलर आनंद कुमार का
कहना है कि कैदी पेशी में गया था। वहां बाथरूम में घटना को अंजाम दिया। अब
कैदियों को खाने को दिए जाने वाले चम्मच पर पाबंदी लगाई जाएगी।