आधा दर्जन से अधिक गांवों के आवागमन में हो रही परेशानी
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दो जनपदों के बीच स्थापित मौदहा बांध से निकले संपर्क मार्ग की सड़क कट जाने से ग्रामीण परेशान है। कई बार मांग के बाद भी सड़क दुरुस्त न कराए जाने से हादसे का खतरा बना रहता है। मौदहा बांध हमीरपुर जिले में आता है जबकि संपर्क मार्ग से महोबा जिले के आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों का आवागमन होता है लेकिन अधिकारी समस्या के समाधान को लेकर रुचि नहीं दिखा रहे है। इससे लोगों में नाराजगी है।
जिले की सीमा पर स्थित मौदहा बांध की तलहटी पर बसे ब्लाक चरखारी के गांव कुड़ार, जरौली, चंदौली, बल्लांय, दमदमा, तिसौनी, टिकरी, बिंदावर व बरदा गांवों के ग्रामीणों के आवागमन के लिए मौदहा बांध के किनारे से कच्ची सड़क बनाई गई थी। दस वर्ष पहले बनी सड़क के दोनों ओर विशाल बांध का जलभराव रहता है। पिछले वर्ष भारी बारिश के चलते बांध पानी से लबालब भर गया। इससे आधी सड़क पानी के बहाव में कट गई। इससे चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। पैदल व दो पहिया वाहनों से गुजरने वाले लोग भी खतरों से जूझकर आवागमन करते है।
सड़क निर्माण कराए जाने की मांग ग्रामीणों ने कई बार उठाई। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को शिकायती पत्र भी सौंपे गए। ग्राम प्रधान कुड़ार जयप्रकाश, बल्लांय पूर्व प्रधान कंधीलाल राजपूत, टिकरी ग्राम प्रधान सुनीता सिंह ने बताया कि सड़क को दुरुस्त कराए जाने के लिए जिला स्तरीय तहसील दिवस में भी दो बार शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन मौदहा बांध की जिम्मेदारी हमीरपुर जिले के सिंचाई विभाग अभियंता के पास होने की वजह से शिकायत का निस्तारण अब तक नहीं किया गया। इससे हमेशा यहां से गुजरने वाले लोगों को मौत का खतरा बना रहता है।