कुलपहाड़ (महोबा)। टीकाकरण को लेकर फैली भ्रांतियों के कारण कई गांवों में टीकाकरण टीम को विरोध झेलना पड़ा। महिलाओं ने आशा कार्यकर्ताओं से नोकझोंक की। भटेवरा खुर्द व ठठेवरा के ग्रामीणों टीकाकरण कराने से इनकार कर दिया और मौत न होने का लिखित में अफसरों से मांगा। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। वहीं लमोरा गांव में उप जिलाधिकारी और प्रशासन की उपस्थिति में पड़ोसियों ने अपने दरवाजे बंद कर टेस्टिंग कराने से मना कर दिया।
45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण का लक्ष्य दो महीने से अधिक होने के बाद भी 50 फीसदी से कम ही हो पाया है। कई गांवों टीकाकरण के बाद जिन लोगों की किसी भी कारण से मौत हुई है ग्रामीण उसे इसी जोड़कर देख रहे हैं। जागरूकता की कमीं से वैक्सीनेशन की गति धीमी रही है। भ्रांतियों के कारण स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कुलपहाड़ तहसील के जैतपुर ब्लॉक के करहरा, खोंनरिया, सिरमोर ,खमा, ओनाबाद, गंज, रावतपुरा, खालसा गढ़िया, घिसल्ली ननवारा, सेलामाफ, खिरिया खुर्द गांव में इक्का-दुक्का व्यक्ति ने वैक्सीन लगवाई है। वहीं ऐसे भी गांव हैं जहां नब्बे फीसदी से अधिक बुजुर्गों ने वैक्सीनेशन करा लिया है जिनमें सतारी, मवैया, बुधवारा, सुगिरा, रजोनी, सगुनिया, इंद्रहटा गांव शामिल है। एसडीएम सुथान अब्दुल्ला ने सौनकपुरा गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जागरूक किया। कहा , टीकाकरण अफवाहों से दूर रहे और टीकाकरण कराएं।
प्रधानों की सक्रियता से बढ़ा टीकाकरण
नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान के सहयोग से प्रशासन कई गांवों में वैक्सीनेशन कराने में सफल रहा है। जिसमें कमालपुरा गांव में 345 के सापेक्ष मात्र 15 लोगों ने वैक्सीनेशन कराया था लेकिन गांव प्रधान मनोज राजपूत के सहयोग से दो ही दिन में 200 लोगों ने वैक्सीनेशन करा लिया। कुडई, हसला ,महुआ बांध ,केथोरा ,अरघटममऊ, मगरिया ,अजनर, ललोनी, स्यावन, बुधौरा, सीगोंन, धौर्रा ननौरा ऐसे गांव है जहां 50 फीसदी बुजुर्ग लोगों ने वैक्सीनेशन करा लिया है।
इन गांवों में आ रही कठिनाई
तहसील प्रशासन के लगातार मेहनत और अधिकारियों के गांव-गांव जाकर चौपाल लगाने के बावजूद भी जैतपुर ब्लॉक के महेवा, लाड़पुर, कुटरा इंदौरा रावतपुरा अतर्पठा, मोहारी, थुरट ,पराबारी, अकौनी ,लमोरा ,ननवारा, रंगोलियां खुर्द ,बमहोलिया, टिकरिया पनवाड़ी ,बगवाहा, रामूपुरा बछेछरखुर्द, मझगवा खुर्द ,सेटवारा ,रगोली ,बमनोरा, भगारी, बिजोरी, घगोरा, टिकरिया जैतपुर जेलवारा जटवरा, हिलुआ,पिपरा माफ गांव में जागरूकता के अभाव में 10 से 15 फीसदी तक ही टीकाकरण हुआ है।