मोहर्रम की नौवीं पर शहर में जगह-जगह ताजिया जुलूस निकाले गए। ताजिया जुलूस के दौरान भीतरकोट, डरियापुरा तिराहा में एक घंटे तक जलसा होता रहा। जलसा दौरान ताजियादारों ने मेहताब जलाकर रोशनी की। ताजिया जुलूस अलग-अलग मार्गों से होते हुए काजीपुरा मैदान पहुंचे जहां पर रात में जलसे
के बाद सभी ताजिये वापस इमाम चौक पर रखे गए। शहर के मोहल्ला मकनियापुरा से ताजिया जुलूस निकाला गया। जो परंपरागत मार्गों से होता हुआ डरियापुरा तिराहा पहुंचा। जहां पर एक घंटे तक कसौरापुरा और मकनिपुरा के ताजिए के बीच जलसा हुआ। जलसा दौरान हसन हुसैन की सदाएं गूंजती
रहीं। इसके बाद ताजिया जुलूस भीतरकोट तिराहे पर पहुंचा जहां पर जलसे के बाद सभी ताजिये परंपरागत मार्ग से होते हुए काजीपुरा मैदान पहुंचे। मिल्कीपुरा, चौसियापुरा, डरियापुरा, पठानपुरा के ताजिये जुलूस रूप में रात को काजीपुरा मैदान पहुंचे। सभी ताजियों के काजीपुरा मैदान में पहुंचे के बाद
रात में वहां जलसा हुआ। दुकानों में जमकर लोगों ने खरीददारी की। जलसे के बाद ताजिए वापस इमाम चौक में लाकर रख दिए गए। ताजिए जुलूस दौरान जगह जगह लंगर लुटाया गया। लंगर लूटने वाले ने नारियल के गोले, गिलास, प्लेटें भी लूटीं। मोहर्रम पर्व के चलते पूरी रात शहर में चहल पहल रही।
युवाओं ने किया आग का मातम
मोहर्रम की आठवीं को जैतपुर के जमीदारी मोहाल में दूल्हा दूल्हा की सदाओं के बीच नवयुवकों ने आग के अंगारे उछालकर आग का मातम किया। इसी तरह मोहर्रमकी नौवीं पर मोहल्ला हवेली दरवाजा, पशुबाजार, काजीपुरा, पठानपुरा, सुभाष चौकी, बजरिया आदि मोहल्लों में नवयुवकों ने आग के अंगारे उछाल कर आग का मातम किया।