कोतवाली चरखारी के ग्राम बड़ी बम्हौरी में बर्बाद फसल और कर्ज की अदायगी की चिंता से परेशान किसान ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर किसान को जिला अस्पताल लाया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ग्राम बड़ी बम्हौरी निवासी भगवानदास अपने बेटे कालका (25) के साथ कृषि कार्य करता है। कालका ने गांव के ही साहूकाराें से 20 हजार रुपये कर्ज लेकर चार बीघा खेत में मटर की बुवाई की थी। लेकिन ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से फसल पूरी तरह चौपट हो गई। खेत में ही फसल सड़ जाने से किसान को पैदावार का एक दाना नसीब नहीं हुआ। जिससे वह खासा परेशान रहने लगा था। साहूकाराें द्वारा बार-बार कर्ज की अदायगी के लिए कहने और पिता के भी असहाय होने से कालका खासा परेशान रहने लगा था। बर्बाद फसल और कर्ज की अदायगी की चिंता से परेशान होकर कालका ने बुधवार की देर शाम खेत पर जहर खा लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। खेताें से घर लौट रहे ग्रामीणाें ने जब कालका को अचेत हालत में खेत में पड़ा पाया तो आनन-फानन में इसकी सूचना परिजनाें को दी। जिससे कालका को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकाें ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उप जिलाधिकारी चरखारी नन्हकू का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। राजस्व कर्मचारी को भेजकर पता लगवाया जा रहा है।