विधानसभा चुनाव को लेकर अधिग्रहीत किए जा रहे चार पहिया वाहनों के मालिकों द्वारा अधिग्रहण आदेश लेने से मना करने और निजी प्रयोग की बात कहने पर एआरटीओ ने 18 वाहन स्वामियों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। एआरटीओ की इस कार्रवाई से वाहन स्वामियों में हड़कंप मचा है।
23 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के मतदान को लेकर वाहनों को अधिग्रहीत किया जा रहा है। ताकि पोलिंग पार्टियों को मतदेय स्थलों तक लाने ले जाने की व्यवस्था की जा सके। साथ ही चुनाव कार्य में लगे अधिकारियों को वाहन मुहैया कराए जा सके। वाहनों के अधिग्रहण की जिम्मेदारी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुधेश तिवारी को सौंपी गई है।
एआरटीओ द्वारा वाहन स्वामियों के यहां अधिग्रहण आदेश भेजे गए, लेकिन तमाम वाहन स्वामियों ने अधिग्रहण आदेश लेने से मना दिया। साथ ही निर्वाचन कार्य के लिए अपना वाहन उपलब्ध न कराने की बात कही। एआरटीओ ने बताया कि अधिग्रहण आदेश लेने से इंकार करने वाले 18 स्कार्पियों व बोलेरो गाड़ी मालिकों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई है।
इसके आधार पर पुलिस ने गांव छिकहरा निवासी रामसजीवन, गांधीनगर निवासी ओमप्रकाश, आल्हा चौक निवासी देवेंद्र कुमार, गांधीनगर निवासी अजय सिंह, कृष्णकांत, गुढ़ा निवासी दयाशंकर, दिलीप सिंह, राजेंद्र कुमार समेत 18 वाहन स्वामियों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पत्थरमंडी कबरई में सर्वाधिक वाहन है, लेकिन एआरटीओ द्वारा कस्बा कबरई के एक भी वाहन स्वामी का नाम सूची में शामिल नहीं किया गया है। वाहन स्वामियों का आरोप है कि एआरटीओ द्वारा चहेतों को छोड़ा जा रहा है जबकि भाड़ा करके परिवार चलाने वाले लोगों को वेवजह परेशान किया जा रहा है।