महोबा। सड़क निर्माण की मांग को लेकर छात्रों के झांसी-मिर्जापुर हाईवे जाम कर रहे छात्रों को जबरन उठाने वाले शहर कोतवाल मनीष कुमार पांडेय व तीन पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया गया है। बच्चोंं को जबरन हटाने का वीडियो वायरल हुआ था। कोतवाली प्रभारी चरखारी बीरेंद्र प्रताप सिंह को शहर कोतवाल बनाया गया है।
रैपुराकलां गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क पर कई गड्ढे हैं। सड़क पर जलभराव होने से नाराज छात्र-छात्राओं ने 19 अगस्त की सुबह हाईवे पर जाम लगा दिया था। तीन घंटे तक सड़क जाम रहने से आवागमन प्रभावित हुआ था। माैके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी व पुलिस कर्मियों ने छात्रों को सड़क से जबरन हटाया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया था। इसमें कोतवाल और पुलिसकर्मी जबरन बच्चों को सड़क से हटाते दिख रहे थे।
वायरल वीडियो में यह लोग कह रहे हैं कि हट जाओ यहां से... जाम का क्या परिणाम होता है, देखना है क्या। कुछ छात्रों ने धमकाने का भी आरोप लगाया था। गुरुवार को डीएम गजल भारद्वाज व एसपी शशांक सिंह ने रैपुराकलां पहुंच चौपाल लगाई। एसपी ने छात्रों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए शहर कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार पांडेय, हेड कांस्टेबल उमाशंकर शुक्ला, कांस्टेबल अरुण कुमार व अभिषेक पटैरिया को लाइनहाजिर कर दिया।