अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को बीपीएल सूची से नाम हटाए जाने पर विरोध प्रदर्शन करते खानपुर मौहरिया के ग्रामीण।
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महोबा। अंत्योदय कार्डों के लाभार्थी चयन में जमकर मनमानी बरती गई। कोटेदारों ने अपने सगे संबंधियों व चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए नियम विरुद्ध तरीके से अंत्योदय कार्ड जारी कराए। ऐसे में गरीब व पात्र समाजवादी राहत पैकेट से वंचित हैं। सोमवार को आधा दर्जन गरीबों ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
कबरई विकासखंड के ग्राम बहिंगा निवासी रामअवतार, मुलिया, सुनीता, देव सिंह आदि ने जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि उनके पास अंत्योदय कार्ड थे, लेकिन इस समय कोटेदार ने उनके नाम अंत्योदय कार्ड की सूची से काट दिए और अपने सगे संबंधियों व चहेतों के नाम अंत्योदय कार्ड जारी कर दिए हैं। जिन्हें यह कार्ड जारी किए गए उनमें से कुछ के पास ट्रैक्टर, दो हेक्टेयर से अधिक भूमि और पक्के मकान हैं।
शिकायती पत्र में कहा है कि गांव में ऐसे तमाम गरीब हैं, जिनको सरकारी राहत की बेहद जरूरत है। लेकिन उन्हें समाजवादी राहत पैकेट का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गरीबों के राशन पैकेट कोटेदारों के चहेते व परिवार के लोगों को दिलाए गए। ग्रामीणों ने मामले की जांच करा अपात्रों के अंत्योदय राशन कार्ड निरस्त करने और पात्रों के अंत्योदय कार्ड बनाकर उन्हें राहत पैकेट का लाभ दिलाने की मांग की है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।