महोबा। मौसम में अचानक बढ़ी गर्मी का असर अब लोगों की त्वचा पर दिखने लगा है। जिला अस्पताल में इन दिनों त्वचा रोगों के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। अस्पताल में त्वचा रोग से पीड़ित 30 से 40 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है।
जिला अस्पताल के डॉ. गुलशेर अहमद ने बताया कि मरीजों में मुख्य रूप से खुजली, दाद-खाज, एक्जिमा, फंगल इंफेक्शन आदि शिकायतें बढ़ रही हैं। कई मरीजों के चेहरे पर दाग-धब्बे पड़ रहे हैं, लाल चकत्ते उभर आए हैं और जलन की समस्या हो रही है। गर्मी के कारण पसीना ज्यादा आना, त्वचा का तैलीय होना और फिटिंग वाले कपड़ों का इस्तेमाल इन समस्याओं को बढ़ावा दे रहा है। खासकर युवतियां और 40-50 वर्ष की महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। लोकल बाजार में बिकने वाले सस्ते कॉस्मेटिक सामान में हानिकारक केमिकल होते हैं। यह त्वचा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। डॉक्टर ने बताया कि मौसम के बदलाव और अनुचित उत्पादों के इस्तेमाल से त्वचा पर एलर्जी, रैशेज और संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए लोगों को ढीले और सूती कपड़े पहनने चाहिए। पसीने से बचने के लिए शरीर को साफ-सुथरा रखें। रोजाना स्नान करें और त्वचा को नम रखने के बजाय सूखा रखने की कोशिश करें। अगर चेहरे पर दाग, खुजली या चकत्ते नजर आए तो घरेलू उपचार से बचें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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प्रमुख लक्षण
-त्वचा पर लाल चकत्ते या रैशेज।
-तेज खुजली व जलन।
-छोटे-छोटे दाने या फफोले।
-कुछ मामलों में छाले पड़ना।
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बचाव के उपाय
-दोपहर 11 से शाम चार बजे तक धूप में निकलने से बचें।
-बाहर निकलते समय पूरी बांह के कपड़े पहनें।
-छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करें।
-सनस्क्रीन का नियमित प्रयोग करें।
-शरीर को हाईड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।