मालूम हो कि शहर के मोहल्ला दरियापुरा निवासी शेख मुजीब 24 फरवरी 2013 को रात करीब दस बजे शहर के ऊदल चौक में बाइक लेकर खड़े थे। तभी शहर के मोहल्ला भीतरकोट निवासी बॉबी अपने साथी सनी के साथ ऊदल चौक पहुंचा और वहां पर पहले से खड़े शेख मुजीब से मलहरा भेजने के लिए कहने लगा जिस पर मुजीब उसे बाइक से लेकर मलहरा के लिए रवाना हुआ। रात करीब 11 बजे श्रीनगर पहुंचने पर तीनों ने शराब पी। इसके बाद बाइक चालक ने महलरा जाने से मना कर दिया और लौट कर महोबा आने लगा। तभी दोनों साथी भी बाइक में बैठकर वापस लौट आए, और शहर से तीन किलोमीटर दूर बीएड कालेज के पास बाइक रोक कर चालक से पुन: महलरा चलने के लिए दबाव बनाने लगे, लेकिन चालक द्वारा मना कर देने से नाराज सनी व बॉबी ने तमंचा से फायर कर चालक मुजीब को घायल कर दिया। जिसे घायल के परिजनों की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। घटना की रिपोर्ट घायल के भाई शेख अनीस ने कोतवाली महोबा में दर्ज कराई थी। बुधवार को दोनोें पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद सनी और बॅाबी को जान लेवा हमला करने का आरोपी ठहराते हुए दोनों को सात सात साल की सजा सुनाई साथ ही 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर शासकीय अधिवक्ता बाबूलाल यादव ने की। अदालत ने दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।