संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। कोचिंग छोड़ने की बात कहकर छात्रा को बाइक में बैठाने और छेड़खानी व जान से मारने की धमकी देने के मामले में अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाया। दोषसिद्ध होने पर अभियुक्त को सात वर्ष के कारावास व 23 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री हाईस्कूल की छात्रा है। 31 दिसंबर 2022 की दोपहर उसकी पुत्री शहर के बिलवई चुंगी में कोचिंग जाने के लिए ई-रिक्शा का इंतजार कर रही थी। तभी गांव का ही धर्मेंद्र बाइक से आया और पीड़िता से बोला कि वह कोचिंग की ओर जा रहा है, उसे छोड़ देगा। किशोरी विश्वास में आकर बाइक में बैठ गई। तभी धर्मेंद्र ने कोचिंग आने पर बाइक नहीं रोकी और रफ्तार बढ़ा दी।
छात्रा ने जब इसका विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी। छात्रा अपनी इज्जत बचाने के लिए चलती बाइक से कूद गई। तब आरोपी भाग निकला। छात्रा को सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) कु. अलका चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त धर्मेंद्र काे सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 23 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया।