बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सात से 10 सितंबर तक वजन दिवस मनाया जा रहा है। वजन दिवस के मौके पर बच्चों का वजन कर कुपोषण की जांच की जाएगी। गुरुवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एएनएम, ग्राम विकास अधिकारी, प्रधानाध्यापक और सेक्टर प्रभारियों को वजन दिवस के बाबत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह ने कहा कि जनपद में शत प्रतिशत बच्चों का पंजीकरण एवं वजन कराया जाए, जो बच्चे वजन दिवस पर छूट जाते है, जो बाद में घर-घर जाकर बच्चों का वजन किया जाएगा। कार्यक्रम में तहत एक भी बच्चा वजन से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि वजन दिवस कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कार्यक्रम में किसी भी कर्मचारी की कोई शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने कहा कि सात से 10 सितंबर तक वजन दिवस मनाया जाएगा, जिसमें 0 से पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक के रुप में 302 कर्मचारी वजन दिवस में लगाए जाएंगे, जिसमें 25 सेक्टर प्रभारी होंगे, जो भ्रमण कर वजन कराना सुनिश्चित कराएंगे तथा शाम को रिपोर्ट संबंधित बाल विकास परियोजना कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण, मुख्य चिकित्साधिकारी एसके वाष्णेय, सहयोगी संस्था की अध्यक्ष नेहा चंसौरिया, शिवकुमार गोस्वामी सहित मुख्य सेविकाएं उपस्थित रहीं।