महोबा। जिले में हुए रायल्टी फर्जीवाड़ा के दूसरे मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी ने खनिज विभाग से मिलती-जुलती वेबसाइट तैयार की थी। इसी वेबसाइट का सहारा लेकर फर्जी रॉयल्टी के जरिए करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया था। शहर कोतवाली और थाना कबरई में दर्ज रिपोर्टों में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में खनिज विभाग की वेबसाइट से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाकर अवैध ई-ट्रांजिट पास (रॉयल्टी पेपर) के जरिए ट्रकों से गिट्टी का परिवहन किया गया। इस तरह से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। यह मामला सामने आने के ब ाद खनिज विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर 21 अगस्त को शहर कोतवाली में एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई तो वहीं क्रशर व्यवसायी रामकिशोर सिंह ने थाना कबरई 26 अगस्त को रॉयल्टी फर्जीवाड़ा के मास्टरमाइंड समेत कई अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें उन्होंने क्रशर से रॉयल्टी प्रिंट करने के लिए आवश्यक सिक्योरिटी पेपर चोरी करके बेचने का आरोप अपने ही मुनीम पर लगाया था। मामलों की छानबीन करने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी विजय सैनी, मुनीम बिंदादीन कुशवाहा समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी विजय सैनी के लैपटॉप से मिले डाटा के आधार पर फर्जी वेबसाइट बनाने वाले संजय कुमार सिंह निवासी कानपुर की पुलिस ने तलाश की।
शहर कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार पांडेय की टीम और जनपदीय एसओजी प्रभारी सब इंस्पेक्टर शिवप्रताप सिंह की टीम ने पुलिस लाइन तिराहे से संजय को पकड़कर फर्जी वेबसाइट के बारे में तथ्य जुटाए। पूछताछ में संजय ने खनिज विभाग से मिलती-जुलती वेबसाइट तैयार करना स्वीकार किया।
पुलिस ने उसके पास से एक लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया।