छत टपकने से छतरी लगाए बैठे यात्री
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यदि आप बारिश के मौसम में रोडवेज बसों से यात्रा करने की सोच रहे है तो छतरी जरूर साथ में लेकर जाएं। कारण, बारिश के दौरान खटारा बसों की छत टपक रही है। जिससे यात्री और उनका सामान बारिश में भीग जाता है। बुधवार को महोबा से मुस्करा चलने वाली बसों में यात्रा के दौरान तमाम यात्री बस के अंदर छतरी लगाए नजर आए। ऐसे में यात्रियों को सुगम यात्रा देने के रोडवेज प्रबंधन के दावों की हवा निकल गई।
महोबा रोडवेज में करीब 90 बसें हैं। जो विभिन्न रूटों पर चलती हैं। जिनमें एक तिहाई बसों की दशा बेहद खराब है। मरम्मत व रखरखाव के नाम पर प्रतिमाह हजारों का बजट ठिकाने लगा दिया जाता है, लेकिन बसों की दशा नहीं सुधर रहीं है। आए दिन रोडवेज बसों के बीच रास्ते में खड़े होने से यात्रियों का समय व पैसे की बर्बादी होती है। वही बारिश के मौसम में खटारा बसें यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी है। बसों की छतें बारिश में टपक रही हैं। महोबा से मुस्करा मार्ग पर एक दर्जन बसों में से आधा दर्जन बसाें का संचालन किया जा रहा है। सर्वाधिक आमदनी वाले कम दूरी के मार्ग पर चलने वाली बसों की दशा बेहद खराब है।
बस में यात्रा के दौरान छत से पानी टपकने के कारण यात्रियों को छतरी लगाकर बैठना पड़ रहा है। तमाम यात्री बस के अंदर ही बारिश के दौरान भीगते रहते है। कई बार मांग के बाद भी बसों की मरम्मत न कराए जाने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। रोडवेज के प्रभारी एआरएम जयकरन का कहना है रोडवेज बसों की नियमित मरम्मत कराई जा रही है। जिन बसों की छत टूटी है उनको सही कराया जाएगा। यात्रियों को हर हाल में बेहतर सुविधा दी जाएगी।