उर्मिल बांध में इंटेकवेल तक बनाई गई नहर
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उर्मिल बांध का जलस्तर तेजी से घट रहा है। बांध में मात्र 30 सेंटीमीटर पानी बचने से लोग पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंतित हैं। जल संस्थान ने बांध का सीना चीरकर इंटेकवेल तक पानी लाने का काम शुरू कर दिया है, ताकि शहर में पानी की आपूर्ति की जा सके।
उर्मिल बांध से शहर में पानी की आपूर्ति की जाती है। दो साल से बारिश न होने से उर्मिल बांध का बड़ा हिस्सा सूख गया है। बांध के बीच में केवल 30 सेंटीमीटर पानी बचा है। इंटेकवेल से पानी दूर होने के कारण जल संस्थान ने इंटेकवेल से पानी तक पतली नहर बनाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं बांध से पानी के लगातार कम होने से लोग खासे चिंतित है।
मदन सागर सरोवर से भी पानी की आपूर्ति की जाती है। इस साल मदन सागर में धूल उड़ने के कारण चार माह पहले ही मदन सागर से पेयजल आपूर्ति बंद हो गई। प्रशासन ने जलनिगम और जल संस्थान के अभियंताओं की बैठक कर उर्मिल बांध से इंटेकवेल तक पानी लाकर आपूर्ति करने के निर्देश दिए थे।
डीएम के आदेश पर दोनों विभागों के अभियंताओं ने पतली नहर खोदने के बाद दो बड़ी पंपिंग सेट मशीनें पानी के किनारे रख दी हैं।
इनसे पतली नहर में पानी डालकर इंटेकवेल तक लाया जा रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता एसके वर्मा का कहना है कि पंपिंग सेट की मशीन के पाइप की फुटवाल में आए दिन छोटी छोटी मशीनें फंसने से पानी की आपूर्ति बंद हो जाती है। गर्मी के दिनों में पानी आपूर्ति किए जाने का प्रयास हो रहा है।