शहरियों की प्यास बुझाने वाले मदन सागर सरोवर के इंटेकवेल से पानी दूर हो जाने के कारण जल संस्थान ने मंगलवार को जलकुंभी की सफाई कराई। जिससे अब इंटेकवेल में पर्याप्त पानी आने लगा है।
जिले में दिन प्रतिदिन पानी के हालात बदतर होते जा रहे हैं, शहर के बीचों बीच बने मदन सागर तालाब से शहर में पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन इस साल बारिश न होने से मदन सागर सरोवर ने जवाब दे दिया है। तालाब का पानी जलकुंभी तेजी से सोख रही है, जिसके चलते पानी घटता जा रहा है। पहले पर्याप्त पानी होने से एक घंटे में इंटेकवेल भर जाता था कि लेकिन पानी कम होने से घंटे भर में ही पानी कम हो जाता है। जिससे तीन घंटे तक पानी बढ़ने का इंतजार करना पड़ता है। जिससे पहले की तुलना में इंटेकवेल भरने में तीन गुना टाइम लग रहा है। पहले से ही पानी कम होने के कारण 24 घंटे में मात्र एक बार पानी की आपूर्ति की जा रही है। जलकुंभी तालाब के चारो तरफ पटी पड़ी होने से विभाग ने मदन सागर सरोवर की जलकुंभी हटवाना शुरू कर दी है। चंदेल कालीन मदन सागर सरोवर का तेजी से घट रहा जल स्तर नागरिकों की चिंता बढ़ा रहा है, इतना ही नहीं पानी कम होने से अधिकारियों की नींद उड़ गई है। यही वजह है कि मंगलवार को जल संस्थान के अवर अभियंता एसके वर्मा ने विभाग की टीम के साथ मदन सागर के तट पर पहुंचकर अपनी देखरेख में जलकुंभी की सफाई कराई। इसी बहाने तालाब की भी सफाई हो गई। तालाब के किनारे लगे जलकुंभी ढेर बाद में हटवाए गए।
कीचड़युक्त पानी की हो रही सप्लाई
मदन सागर तालाब में पानी कम हो जाने के कारण कीचड़युक्त पानी की सप्लाई हो रही है। हालांकि विभाग फिल्टर कराकर पानी की आपूर्ति करने का दावा कर रहा है, लेकिन इस समय मदन सागर का पानी प्रदूषित हो गया है। इसी पानी को मजबूरन शहरवासी पी रहे हैं। हैंडपंपों में भी भारी भीड़ जुट रही है। लोग पेयजल के लिए चारों तरफ भटक रहे है।
जलस्तर घटने से हैंडपंप बने सहारा
भीषण गर्मी में तेजी से घट रहे जल स्तर को लेकर लोग खासा परेशान हैं। तमाम हैंडपंप ड्राई हो गए हैं, मुहल्लों में इक्का दुक्का हैंडपंप ही पानी दे रहे हैं, जिससेे लोग पानी के लिए खासा परेशान हैं। हैंडपंपों पर भारी भीड़ जुटने से लोगों को पानी के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं ग्रामीण अंचलों में लोग एक-एक किलोमीटर दूर से सिर पर पानी लाकर प्यास बुझा रहे है।
जिले में बढ़ रहे पेयजल संकट को देखते हुए सख्त कदम उठाए हैं। जिन मोहल्लों में पानी की आपूर्ति नहीं होगी, यदि वहां से शिकायत आती है तो जलनिगम और जलसंस्थान के अधिकारियों की खैर नहीं है। हर हालत में प्रतिदिन पानी की आपूर्ति होनी चाहिए।
वीरेश्वर सिंह जिलाधिकारी
महोबा