मिसाइल मैन के नाम से विख्यात पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डा. एपीजे अब्दुल कलाम की 86वीं जयंती विश्व छात्र दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर वक्ताओं ने डा. कलाम को सच्चा राष्ट्र भक्त और महान वैज्ञानिक बताया। शहर के जवाहर नवोदय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीएवी के पूर्व प्राचार्य
शिवकुमार गोस्वामी ने कहा कि डा. कलाम वास्तव में भारत के रत्न थे। वे युवाओं के प्रेरणा श्रोत हैं। डा. कलाम अपने को छात्र मानते हुए कुछ नया सीखने छात्रों के बीच हमेशा जाते थे। शिक्षिका सरगम खरे ने डा. कलाम के जीवन पर गीत पेश किए। इस मौके पर जिला सेवायोजन अधिकारी राममूर्ति, नवोदय
विद्यालय की प्राचार्या शबाना सिद्दीकी, जिला बचत अधिकारी सीएल साहूू, अवधेश तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे।वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य डा. उमाशंकर त्रिपाठी ने कहा कि डा. कलाम ने आजीवन समर्पण भाव से देश को सेवा दी है। उनके कार्यों को कभी भुलाया
नहीं जा सकता। कार्यक्रम में डा एलसी अनुरागी, दिलीप कुमार, शैलेश तिवारी आदि मौजूद रहे। बेलाताल प्रतिनिधि के अनुसार एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर स्व. पूरन रामप्रकाश दीक्षित महाविद्यालय मगरौलकला में गोष्ठी आयोजित कर अब्दुल कलाम के बताए रास्ते पर चलने की अपील की गई।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा. कपिल कुमार द्विवेदी ने कहा कि डा. कलाम का देश की प्रगति में अहम योगदान है। इस मौके पर प्रो. अभिषेक त्रिपाठी, राजेंद्र पाल, ओमप्रकाश, प्रतिभा शुक्ला ने भी विचार व्यक्त किए।
बुंदेली समाज का अन्न त्याग सत्याग्रह शुरू
बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकार ने शनिवार को अपने सहयोगियों के साथ आल्हा चौक स्थित अनशन स्थल पर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को याद किया और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद तारा पाटकार ने अन्न त्याग कर सत्याग्रह शुरू किया। बुंदेली समाज एम्स की मांग को लेकर 70 दिन से उपवास पर है।