फोटो 28 एमएएचपी 20 परिचय-डाकबंगला मैदान में दशहरा को लेकर रावण का पुतला तैयार करने में जुटे श्र
महोबा। शहर के डाकबंगला मैदान में दशहरा के दिन रावण के पुतला दहन की चली आ रही 40 साल पुरानी परंपरा को बचाने के लिए युवा आगे आए हैं। साहित्य परिषद की ओर से इस बार रामलीला मंचन और पुतला दहन कराने से हाथ खड़े करने पर युवाओं ने अपने हाथ आगे बढ़ाते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में दशहरा के दिन तेज आतिशबाजी के साथ रावण के पुतले का दहन होगा।
संस्था के अध्यक्ष रमेश जैदका की देखरेख में यह कार्यक्रम शहर की एक परंपरा बन गया था लेकिन उनके निधन के एक साल बाद ही यह परंपरा टूट गई। साहित्य परिषद के अन्य सदस्य सक्रिय नहीं रहे। इसके चलते इस वर्ष डाक बंगला मैदान में नवरात्र पर रामलीला शुरू नहीं हुई। डाक बंगला का सूना मैदान देखकर लोग निराश होकर जिम्मेदारों को कोस रहे थे। इसी बीच शहर के समाजसेवी सुलभ सक्सेना, संजय मिश्रा, अनुज शर्मा आदि ने आगे आकर टूटती परंपरा को जीवित रखने का संकल्प लिया। उन्होंने एक बैठक में निर्णय लिया कि दशहरा के दिन डाकबंगला में रामलीला का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन भी पुरानी परंपरा के अनुसार होगा।