महोबा। किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के दो वर्ष पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर युवक को 22 वर्ष कैद और 28 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर के एक मोहल्ला निवासी 16 वर्षीय किशोरी 14 अप्रैल 2019 की दोपहर घर पर अकेले थी। पिता मजदूरी करने गए थे। पिता के लौटने पर किशोरी घर से लापता थी। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन सुराग नहीं लगा। 18 अप्रैल को पिता ने अन्नू कुशवाहा, गुल्लू व अमित पर बेटी को गायब करने की आशंका जताते हुए
रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ दिन बाद पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर लिया। पीड़िता के बयान के आधार पर घटना में थाना क्षेत्र के ग्राम बरी निवासी बृजराज अहिरवार के नाम का खुलासा हुआ। वह किशोरी को पहले कानपुर फिर मेरठ ले गया। यहां उसने किशोरी से दुष्कर्म किया। बाद में पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। पूर्व में तीन युवकों के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट में उनके नाम विवेचना से अलग कर दिए गए। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।