महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) गजेंद्र कुमार ने बलात्कार के एक
मामले में आरोपी को सात साल की सजा सुनाई, साथ ही दो हजार रुपये का
जुर्माना ठोंका। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।
थाना पनवाड़ी के एक ग्राम निवासी युवती अपने भाई के साथ गांव में रहती थी। युवती का पिता हरियाणा में नौकरी करता था। 28/29 सितंबर 2014 की रात को गांव के ही हरिओम राजपूत पुत्र दुली चंद्र राजपूत ने अपने साथी सुल्तान पुत्र शिवचरन के साथ मिलकर युवती के घर का दरवाजा तोड़कर घुस गया और युवती के साथ बलात्कार किया। जबकि उसका साथी मौके पर खड़ा रहा। आरोपी युवती को घटना की बात किसी से कहने पर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। युवती द्वारा पिता को सूचना देने पर हरियाणा से आए पिता ने तीन अक्तूबर 2014 को हरिओम पुत्र दुलीचंद्र राजपूत के खिलाफ थाना पनवाड़ी मे मुकदमा दर्ज कराया था। शनिवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद हरिओम राजपूत को बलात्कार का दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना ठोंका, वहीं हरिओम के साथी सुल्तान पर किसी प्रकार का आरोप सिद्घ न होने पर अदालत ने साथी हो बरी कर दिया। आरोपी द्वारा जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।