महोबा। आत्महत्या के लिए उकसाने के सात साल पुराने मामले में अदालत ने दोषी को साढ़े तीन वर्ष की कैद व दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मुल्ला का खुड़ा छिकहरा निवासी शिवराम ने 19 सितंबर 2015 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसने पुत्री नीता की शादी कोतवाली चरखारी के बैहारी गांव निवासी कौशल अहिरवार से की। शादी के बाद से पति नीता को प्रताड़ित करते हुए मारपीट करने लगा।
30 अगस्त को नीता मायके आई थी। उसने पति द्वारा मारपीट और प्रताड़ित करने की बात बताई थी। 31 अगस्त 2015 को पति से प्रताड़ना से परेशान होकर नीता ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने पति कौशल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था।
जिला सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह प्रथम ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर शुक्रवार को फैसला सुनाया। जिला शासकीय अधिवक्ता केशव सिंह राजपूत ने बताया कि दोष सिद्घ होने पर तीन वर्ष छह माह के कारावास की सजा सुनाई गई है।