फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़

Mon, 22 Dec 2014 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
विज्ञापन
विज्ञापन
पाकिस्तान के पेशावर स्थित आर्मी स्कूल में आतंकी हमले के बाद अब शायद जिले में किसी ऐसी ही घटना का इंतजार है। यही वजह है कि पाकिस्तान में बच्चाें के सामूहिक नरसंहार से सबक लेते हुए जिले के स्कूलाें में बच्चाें की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन


यहां तक कि सारा दिन स्कूलाें में आने जाने वाले लोगाें के नाम तक रजिस्टर में दर्ज नहीं कराए जाते। आलम यह है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी विद्यालय अथवा बालिका इंटर कॉलेजाें में आसानी से दाखिल होकर किसी भी जघन्य वारदात को अंजाम दे सकता है।

बच्चाें की सुरक्षा को लेकर न तो प्रशासन सतर्कता बरत रहा है और न ही विद्यालयाें के प्रधानाचार्यों को इसकी कोई परवाह है।

केस-1- सुरक्षा के नाम पर हो रही रस्म अदायगी- राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महोबा में छात्राओं की सुरक्षा के नाम पर रस्म अदायगी की जा रही है। प्रधानाचार्या द्वारा कालेज गेट पर एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई है।
विज्ञापन


गेट पर तैनात कर्मचारी विद्यालय में आने जाने वाले बाहरी लोगों के नाम दर्ज करने के बजाय विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राआें के नाम दर्ज कर रहा है। प्रधानाचार्या ने आज तक कर्मचारी के रजिस्टर को चेक करने की जहमत नहीं उठाई।

प्रधानाचार्या निर्मला खरे का कहना है कि छात्राआें की सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारियों से कई बार पुलिसकर्मियाें को विद्यालय गेट पर तैनात कराए जाने की मांग की गई, लेकिन स्टाफ कमी का बहाना बना दिया जाता है।

केस-2- यहां सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं- छात्रों की सुरक्षा को लेकर डीएवी इंटर कॉलेज में भी कोई सतर्कता नहीं बरती जा रही है। विद्यालय गेट पर कर्मचारी को केवल इसलिए तैनात किया गया है कि कोई छात्र बिना अनुमति के बाहर न जाए और लेट आने वाला छात्र विद्यालय में प्रवेश न कर सके।

इसके अलावा विद्यालय में आने जाने वाले बाहरी लोगाें के नाम दर्ज करने के लिए गेट पर तैनात कर्मचारी को कोई रजिस्टर तक नहीं दिया गया है। बिना नाम, पता और आने का कारण बताए बाहरी लोग विद्यालय में धड़ल्ले से प्रवेश कर जाते हैं।

इस बाबत पूछने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय कुमार का कहना है कि विद्यालय में आम लोग ही आते हैं, उनसे छात्राें को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। इसलिए आने जाने वाले बाहरी लोेगों के लिए रजिस्टर नहीं रखा गया है।

केस-3- फुर्सत मिलने पर होती निगरानी- नेहरू इंटर कॉलेज गेट पर कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं किया गया है, यहां कोई भी बेधड़क विद्यालय में प्रवेश कर सकता है। विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ. राज कुमार से इस बारे में पूछने पर बताया कि विद्यालय में स्टाफ की कमी है।

यहां पांच चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सापेक्ष महज एक ही कर्मचारी है। क्लर्क का पद रिक्त होने के कारण उससे क्लर्क का कार्य कराया जाता है। टीचर धूप में गेट के सामने कुर्सी डालकर पढ़ाई कराते हैं, जिससे हर जाने जाने वाले पर निगाह रखी जाती है।

इसके अलावा फुर्सत होने पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को गेट पर लगा दिया जाता है, जो अनुमति मिलने पर ही व्यक्ति को विद्यालय में प्रवेश देता है।
इन्हें है बच्चों की परवाह- जिले में बच्चाें की सुरक्षा को लेकर जहां तमाम सरकारी विद्यालयाें में लापरवाही बरती जा रही है। वहीं कुछ गिने चुने विद्यालय इसे लेकर खासे संजीदा हैं।

केंद्रीय विद्यालय, ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल और संत जोसफ स्कूल में विद्यालय में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की विद्यालय गेट पर रजिस्टर में नाम, पता, मोबाइल नंबर, समय और किस कारण से विद्यालय में जाना है आदि  प्रविष्टियां दर्ज कराई जाती है।

तत्पश्चात ही बाहरी व्यक्तियों को विद्यालय में प्रवेश दिया जाता है।

जिले में आतंकी घटनाआें की किसी तरह की कोई संभावनाएं नहीं हैं। फिर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जीजीआईसी कॉलेज के बाहर सादा वर्दी में पहले से ही पुलिस घूमती रहती है।- रामकिशोर, पुलिस अधीक्षक महोबा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें