जिले में फिक्स डिपाजिट और डेलीवेज की योजना से धनराशि दोगुनी करने का सपना दिखाने वाली प्राइवेट कंपनी 150 ग्राहकों का 25 लाख की धनराशि लेकर चंपत हो गई। प्राइवेट कंपनी के अचानक गायब होने से खलबली मची है। प्राइवेट कंपनी की इस धोखाधड़ी को देखकर मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दी।
मुख्यालय के गांधीनगर बाईपास मार्ग पर चलने वाली प्राइवेट कंपनी जेएमके इन्फ्राहोम प्राइवेट लिमिटेड में गुरुवार को अचानक ताला बंद मिला। इस दौरान कंपनी के कर्मचारी मोबाइल काल रिसीव करना भी बंद कर दिए। इसकी जानकारी मिलने पर ग्राहकों को ठगी का शिकार होने की जानकारी मिली। इस पर उन्होंने पैसा जमा कराने वाले एजेंटों को पकडा। एजेंट मौके पर पहुंचे और कंपनी के एमडी को मोबाइल पर काल किया तो काल रिसीव नहीं हुई। इस पर ग्राहकों ने घटना की तहरीर कोतवाली में दी है। उधर कंपनी के एजेंट जालौन जिले के बंगरा निवासी मनोज तिवारी, शिशुपाल सिंह, प्रवेंद्र एवं मोदहा मराठीपुर निवासी विवेक पाराशर ने बताया कि वे वर्ष 2012 में प्राइवेट कंपनी जेएमके (जय महाकाल) इन्फ्राहोम प्राइवेट लिमिटेड महोबा में बतौर एजेंट जुड़े थे। इन एजेंटो को मुताबिक वे कंपनी के सीएमडी सुधीर उपाध्याय एंव मैनेजिंग डायरेक्टर कुलदीप उपाध्याय महोबा के बजरंग नगर के निवासी है, जबकि द्वितीय चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर कमलाकांत तिवारी हमीरपुर जिले के राठ बुधौयिाना के निवासी हैं। इन तीनों के निर्देशन में वे 150 ग्राहकों को फिक्स डिपाजिट और डेलीवेज पालिसी से जोड़ा थे, जिसमें 25 लाख 60,000 रुपये कर धनराशि जमा कराई। डेली प्लान पालिसी का समय पूर्ण हो जाने पर धनराशि वापसी कर तिथि आ जाने के कारण कंपनी के कर्ताधर्ता कार्यालय में ताला डालकर गायब हो गए। एजेंटों ने बताया कि ग्राहकों की जमा कराई गई धनराशि वापस पाने के लिए किसी तरह कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। उधर कोतवाली प्रभारी शिव शंकर शुक्ला ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नही मिली है। मामला संज्ञान में आने पर जांच कराकर कार्यवाई की जाएगी।