महोबा। जिला अस्पताल में अब गंभीर गर्भवती महिलाओं की टॉर्च जांच हो सकेगी। इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में स्थापित कोवास मशीन से यह मुमकिन हाे सकेगा। पहले गंभीर महिलाओं को जांच कराने के लिए छतरपुर, झांसी, बांदा, कानपुर आदि जिलों में जाना पड़ता था लेकिन अब जिले में ही टॉर्च टेस्ट होने से तीमारदारों के रुपये और समय की बचत होगी।
पुरुष अस्पताल की अत्याधुनिक लैब में पांच माह पहले 40 लाख रुपये की लागत से कोवास मशीन लगाई गई थी। मशीन रीजेंट और प्रशिक्षण के अभाव में संचालित नहीं हो पा रही थी। सोमवार को लखनऊ से जिला अस्पताल आए इंजीनियर आशीष सिंह ने आठ कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया। इसके बाद से मशीन संचालित कर जांच रिपोर्ट दी जाने लगी है। मशीन से थायराइड, विटामिन डी, विटामिन बी-12, हार्मोन, टॉर्च टेस्ट की 100 से अधिक जांचें 20 मिनट में मिल जाएगी। इससे मरीजों को घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि कोवास मशीन को संचालित कर लैब कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर से प्रशिक्षण दिया गया है। महिला जिला अस्पताल में प्रतिदिन 500 से अधिक गर्भवती महिलाओं की इलाज कराने क लिए भीड़ जुटती हैं। गंभीर महिलाओं को भर्ती कर जरूरी जांच कराने की सलाह दी जाती है। सीएमएस डॉ. रमाकांत चौरिहा का कहना है कि महिला अस्पताल में टॉर्च टेस्ट की सुविधा नहीं थी। कोवास मशीन से जांच आसानी से हो सकेगी।