प्राइमरी शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी द्वारा किए जा रहे औचक निरीक्षण से टीचरों में खलबली मची है। शुक्रवार को हुए औचक निरीक्षण में एक विद्यालय में घटिया एमडीएम पाए जाने पर केंद्रीय प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, साथ ही एनपीआरसी पद से हटा दिया गया।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी रामेश्वर प्रसाद ने शुक्रवार को विकासखंड पनवाड़ी के उच्च प्राथमिक विद्यालय पहाड़ियां का औचक निरीक्षक किया। निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापक बालगोविंद स्वयं शिक्षण कार्य न करके किराए के शिक्षक को पठन-पाठन के लिए लगाए हुए थे। इसी तरह न्याय पंचायत संसाधन केंद्र में पूरी न्याय पंचायत में पाठ़य पुस्तकों का वितरण संबंधित केंद्रीय प्रधानाध्यापक द्वारा नहीं कराया गया। विद्यालय का रख रखाव एवं साफ सफाई और रंगाई पुताई भी नहीं कराई गई थी। जबकि विभाग द्वारा रंगाई पुताई का पैसा उपलब्ध करा दिया गया था, विद्यालय में एमडीएम घटिया पाया गया। इस पर नाराज बीएसए ने केंद्रीय प्रधानाध्यापक नारायणदास वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय पहाड़िया के निरीक्षण के दौरान स्टाफ उपस्थित पाए गए, लेकिन मिड डे मील में गुणवत्ता नहीं पाई गई। विद्यालय में 66 बच्चों के सापेक्ष 22 बच्चे ही उपस्थिति पाए गए, जिस पर प्रधानाध्यापक को कड़ी चेतावनी दी गई। निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत धर्मपाल राजपूत और प्रधानाध्यापक आपस में बातें करते पाए गए, जिस पर धर्मपाल राजपूत को प्रतिकूल प्रवृष्टि दी गई है। बेसिक शिक्षाधिकारी द्वारा स्कूलों के औचक निरीक्षण से अध्यापकों में खलबली मची हुई है।