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ग्रामीणों के चंदे से पीले हुए गरीब लड़की के हाथ

Wed, 22 Feb 2017 07:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
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शादी की रस्म कराते पंडित - फोटो : अमर उजाला
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बुंदेलखंड के अति पिछड़े महोबा जिले में गरीबी और आर्थिक तंगी बेटियों के हाथ पीले करने में आड़े आ रही है। रविवार को कस्बा बेलाताल में ग्रामीणों ने चंदा कर एक गरीब लड़की का विवाह कराया। विदाई के दौरान हर ग्रामीण की आंखें नम दिखीं। पैसे के अभाव में बिन साज सज्जा के ही दिन के वक्त वैवाहिक रस्में कराई गईं। 
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कस्बा बेलाताल के मोहल्ला जुगयाना निवासी मनीराम सेन के तीन पुत्रियां व दो पुत्र हैं। मनीराम अपनी बड़ी बेटी की शादी कर चुका है। मेहनत मजदूरी कर किसी तरह पेट पाल रहे मनीराम की एक वर्ष पूर्व पेड़ काटते वक्त डाल टूटने से पैर टूट गया जिससे वह अपाहिज हो गए। चार महीने पहले मनीराम की पत्नी रजनी की बीमारी से मौत हो गई। इससे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। इसी दौरान मनीराम ने अपनी दूसरी बेटी ऊषा की शादी चरखारी के ग्राम सूपा में दिलीप के साथ तय कर दी। शादी के लिए पैसा न होने से मनीराम काफी परेशान था। किसी तरह उसने पांच हजार रुपये कर्ज भी लिया लेकिन इतने कम पैसे में कैसे शादी होती, यह सोचकर वह परेशान था। 

मनीराम के दरवाजे बारात आनी थी। उधर, ग्रामीणों ने मनीराम की गरीबी और आर्थिक तंगी को शादी में बाधक न बनने देने का फैसला किया। किसी ने पैसा तो किसी ने खाद्यान्न और दान दहेज की व्यवस्था की। साज सज्जा की व्यवस्था न हो पाने पर दिन में बारात पहुंची और सभी वैवाहिक रस्में संपन्न कराई गईं। गांव के लोग हर रस्म में खड़े दिखे। शाम के समय ऊषा की विदाई हुई तो पूरे मोहल्ले के लोगों की आंखों से आंसू झलक उठे। 
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शासन-प्रशासन से नहीं मिली मदद
अपाहिज मनीराम सेन बताते हैं कि उसकी आर्थिक तंगी और गरीबी के बावजूद शासन प्रशासन की ओर से उसे कोई मदद नहीं मिली। न तो शादी अनुदान का लाभ मिला और न ही अन्न योजनाओं का फायदा। अब ग्रामीणों और रिश्तेदारों के सहयोग से उसकी बेटी के हाथ पीले हो सके। 
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