महोबा। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले ही वर्ष 2027 में होना है लेकिन चुनाव की आहट के पहले ही जनपद महोबा में सियासी पारा गर्म हो गया है। शुक्रवार को हुए घटनाक्रम से जनपद महोबा पूरे प्रदेश में चर्चा में आ गया। जलशक्ति मंत्री और विधायक के बीच झड़प के बाद दूसरे दलों के नेता मामले में चुटकी ले रहे हैं।
बुंदेलखंड की राजनीति में अच्छी दखल रखने वाले पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत के बेटे बृजभूषण राजपूत वर्ष 2017 में चरखारी विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए चरखारी सीट से दोबारा टिकट दिया था।
इस चुनाव में भी बृजभूषण राजपूत ने जीत दर्ज की। उन्होंने वर्ष 2022 में सपा के प्रत्याशी रामजीवन को 41 हजार से अधिक वोटों से हराया था। उनके पिता गंगाचरण राजपूत लोकसभा व राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। गंगाचरण और बृजभूषण राजपूत लोधी समाज का मजबूत चेहरा माने जाते हैं।
चरखारी विधानसभा क्षेत्र लोधी बाहुल है। बृजभूषण राजपूत समय-समय पर जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहते हैं। उनके पिता पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत भी लंबे समय से राजनीति में हैं। पूर्व सांसद भी जनता की समस्याओं को निराकरण की आगे आते रहते हैं। अब एक बार फिर मंत्री का काफिला रोकने के मामले से चरखारी के भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत चर्चा में आ गए हैं।