महोबा। अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक की मौत की घटना दुखद है। सत्ता पक्ष के लोग यदि सक्रिय होते तो यह घटना नहीं होती। एक महीने तक अधिवक्ता दर-दर भटकते रहे। प्रांत प्रचारक ने मामले में कार्रवाई कराने के सख्त निर्देेश दिए थे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। यह आरोप पूर्व सांसद व भाजपा नेता गंगाचरण राजपूत ने लगाया। बुधवार को अधिवक्ता के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे पूर्व सांसद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने कहा कि इस घटना में जुआ व सट्टे का कारोबार कराने की बात सामने आई है। इस व्यापार में कितने लोग जुड़े हैं। इसकी जांच ईडी से कराई जाए। धन उगाही करने वाले गरीबों को प्रताड़ित करते हैं। ऐसे आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई हो।
अधिवक्ता की मौत से पांच घंटे पहले एक होटल में पंचायत होने के सवाल पर पूर्व सांसद ने कहा कि इस मामले में पंचायत का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने कहा कि शायद पंचायत न होती तो आत्महत्या की घटना न होती। वार्ता के दौरान मौजूद मृतक अधिवक्ता के पुत्र राहुल पाठक ने अपराधियों की अवैध संपत्ति व शस्त्रों की जांच कराने और परिवार व रिश्तेदारों के लाइसेंसों की जांच कराकर निरस्त कराने की मांग की।