महोबा। थाना श्रीनगर के एक गांव में अनुसूचित जाति की किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों को पुलिस ने रविवार की रात थाने से छोड़ दिया जबकि एक आरोपी को जेल भेजा गया। थाने से छूटे आरोपियों ने रात में ही पीड़ित परिवार के घर पहुंच हवाई फायरिंग की और राजीनामा का दबाव बनाया। गेट न खोलने पर आरोपियों ने कुल्हाड़ी से दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। दहशतजदा पीड़ित परिवार ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक की चौखट पहुंच पूरी घटना बताई और आरोपियों को जेल भेजने की मांग की। दुष्कर्म जैैसे गंभीर मामले के दोषियों को थाने से छोड़े जाने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि एक गांव निवासी 13 वर्षीय किशोरी को अगवा कर चार माह पहले चार लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। किसी से कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। 25 जून को जब किशोरी की हालत बिगड़ी तो उसने पिता को पूरी घटना बताई। आरोप लगाया कि आशा बहू एक आरोपी के साथ उसे अस्पताल ले गई थी। जहां गोलियां खिलाई गईं। जिससे उसकी हालत बिगड़ी। थाना श्रीनगर में तहरीर देने के बाद 27 जून को पुलिस ने वीपी सिंह, शत्रुघन सिंह, रामबाबू सिंह, रघु रैक्वार व आशा बहू सुशीला के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, एससीएसटी एक्ट व सहयोग करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी।
रविवार को ही पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लिया था। जिन्हें थाने में बैठाकर पूछताछ की गई। रात में पुलिस ने तीन आरोपियों को थाने से छोड़ दिया जबकि एक आरोपी रघु रैक्वार को जेल भेजा गया। छूटे आरोपियों के तांडव परेशान होकर पूरी रात वह कमरे में कैद रहे और किसी तरह गांव से बाहर निकलकर एसपी सुधा सिंह की चौखट पहुंचे। जहां उन्होंने थाने से आरोपियों को छोड़ने और घर आकर फायरिंग करने की जानकारी दी। एसपी ने पीड़ितों को कार्रवाई का भरोसा दिया है।
मामले में पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पीड़िता का अभी डॉक्टरी परीक्षण नहीं हुआ है और न ही 164 के बयान दर्ज हुए हैं। चार लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया था। 161 के बयान में पीड़िता ने एक व्यक्ति का नाम लिया। जिसे जेल भेजा गया है। पूछताछ के बाद शेष लोगों को छोड़ा गया। डॉक्टरी परीक्षण व 164 के बयान दर्ज होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
संजय शर्मा,
थानाध्यक्ष श्रीनगर
----------
मामले की जांच कराई जा रही है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम में ड्यूटी लगी थी। जहां से वह लौटकर आए हैं। आरोपियों को थाने से छोड़े जाने के मामले की उन्हें जानकारी नहीं है। आज पीड़िता से बात हुई है। देर हो जाने के चलते डॉक्टरी परीक्षण नहीं हो सका। एक भी आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा और सभी को जेल भेजा जाएगा।
उमेश चंद्र,
सीओ चरखारी व विवेचक
----------
दुष्कर्म के आरोपियों को थाने से छोड़े जाने की जानकारी नहीं है। पीड़ित परिवार कार्यालय शिकायती पत्र देने आया था। तब उन्हें जानकारी हुई। बैठकों में व्यस्तता होने के चलते वह थाने से जानकारी नहीं कर पाईं हैं। यदि आरोपी छोड़े गए हैं तो दोबारा पकड़े जाएंगे।
सुधा सिंह,
पुलिस अधीक्षक महोबा